नया साल सिर्फ तारीख बदलने का नाम नहीं होता, बल्कि इसे पूरे साल की शुरुआत और दिशा तय करने वाला दिन माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, 1 जनवरी को किया गया हर काम आने वाले 365 दिनों पर असर डालता है। यही वजह है कि इस दिन सकारात्मक सोच, अच्छा व्यवहार और सही फैसले बेहद जरूरी माने जाते हैं। माना जाता है कि साल की पहली ऊर्जा जैसी होगी, वैसा ही साल आगे बढ़ेगा। इसलिए इस दिन किसी भी तरह की नकारात्मकता से दूरी बनाना जरूरी होता है, ताकि पूरा साल सुख, शांति और तरक्की के साथ बीते।
घर में शांति और व्यवहार का रखें ध्यान
नए साल के पहले दिन घर में क्लेश, लड़ाई-झगड़ा या ऊंची आवाज में बात करना अशुभ माना जाता है। मान्यताओं के अनुसार, अगर साल की शुरुआत तनाव और विवाद से होती है, तो मानसिक अशांति पूरे साल बनी रह सकती है। इस दिन बड़ों का सम्मान करें और छोटों से प्यार से बात करें। साथ ही किसी को अपशब्द कहने या गुस्से में प्रतिक्रिया देने से बचें। घर का माहौल जितना शांत और सकारात्मक रहेगा, साल उतना ही बेहतर माना जाता है।
पैसे और रंगों से जुड़ी सावधानियां
ज्योतिष के अनुसार, नए साल के पहले दिन कर्ज का लेनदेन करने से बचना चाहिए। न तो किसी को पैसा उधार दें और न ही उधार लें। ऐसा करने से साल भर आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा इस दिन काले रंग के कपड़े पहनने से भी परहेज करने की सलाह दी जाती है। काला रंग नकारात्मकता और उदासी से जोड़ा जाता है। इसकी जगह लाल, पीला, सफेद या हल्के रंग पहनना शुभ माना जाता है, जो नई ऊर्जा और सकारात्मकता का प्रतीक होते हैं।
रोशनी और मन की स्थिति भी है जरूरी
नए साल की शाम को घर में अंधेरा रखना भी अशुभ माना जाता है। रोशनी को लक्ष्मी और सौभाग्य का प्रतीक माना गया है, इसलिए घर के हर कोने में उजाला रखें। मुख्य द्वार और पूजा स्थान पर दीपक जरूर जलाएं। इसके साथ ही इस दिन रोना, दुखी रहना या नकारात्मक बातें सोचने से भी बचें। मान्यता है कि साल के पहले दिन जैसी मानसिक स्थिति होती है, वैसा ही असर पूरे साल रहता है। इसलिए मुस्कुराकर, खुश मन से और सकारात्मक सोच के साथ नए साल का स्वागत करना सबसे अच्छा माना जाता है।