सनातन धर्म में हर तिथि और पर्व का अपना विशेष महत्व होता है। ये जीवन में नई ऊर्जा, खुशहाली और सकारात्मक बदलाव लाते हैं। अगर आप भी आने वाले साल 2026 के मुख्य त्योहारों और व्रतों की सही तिथियां और उनका महत्व जानना चाहते हैं, तो यहां पूरी जानकारी दी गई है। यह लिस्ट आपको त्योहारों की तिथि, दिन और धार्मिक महत्व समझने में मदद करेगी।
मकर संक्रांति – 14 जनवरी 2026, बुधवार
सूर्य के उत्तरायण होने पर मकर संक्रांति मनाई जाती है। इसका अर्थ है कि सूर्य उत्तर दिशा की ओर गति करना शुरू करता है। इस दिन का महत्व धार्मिक और सांस्कृतिक दोनों रूपों में गहरा माना जाता है।
बसंत पंचमी – 23 जनवरी 2026, शुक्रवार
यह पर्व ज्ञान, संगीत और कला की देवी माँ सरस्वती को समर्पित है। इस दिन उनकी विशेष पूजा और विद्या के क्षेत्र में शुभ कार्य किए जाते हैं।
महाशिवरात्रि – 15 फरवरी 2026, रविवार
भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह के उपलक्ष्य में महाशिवरात्रि मनाई जाती है। भक्त रात भर जागरण कर पूजा करते हैं और शिवजी के मंत्रों का जाप करते हैं।
होली – 4 मार्च 2026, बुधवार
रंगों का त्योहार होली बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। होली से एक दिन पहले होलिका दहन किया जाता है और अगले दिन रंगों के साथ पर्व मनाया जाता है।
चैत्र नवरात्र प्रारंभ – 19 मार्च 2026, गुरुवार
इस नौ दिन तक चलने वाले पर्व में माँ दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। कलश स्थापना से नवरात्र की शुरुआत होती है।
राम नवमी – 26 मार्च 2026, गुरुवार
भगवान श्री राम के जन्म के उपलक्ष्य में राम नवमी मनाई जाती है। यह चैत्र नवरात्र के नौवें दिन आता है।
हनुमान जयंती – 2 अप्रैल 2026, गुरुवार
भगवान हनुमान के जन्मदिवस के रूप में यह पर्व मनाया जाता है। भक्त उनके स्मरण और पूजा से शक्ति और साहस प्राप्त करते हैं।
अक्षय तृतीया – 19 अप्रैल 2026
यह दिन बिना किसी मुहूर्त के शुभ कार्यों जैसे विवाह, गृह प्रवेश और खरीदारी के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है।
मोहिनी एकादशी – 27 अप्रैल 2026, सोमवार
इस एकादशी का व्रत भगवान विष्णु के मोहिनी रूप से जुड़ा है। व्रत करने से व्यक्ति के पाप नष्ट होते हैं और वह मोह-माया के बंधन से मुक्त होता है।
वट सावित्री व्रत – 16 मई 2026, शनिवार
सुहागिन महिलाएं इस व्रत को अपने पति की लंबी आयु और सुख-समृद्धि के लिए रखती हैं।
निर्जला एकादशी – 25 जून 2026, गुरुवार
सभी एकादशियों में यह सबसे कठिन और महत्वपूर्ण मानी जाती है।
रथ यात्रा – 24 जून 2026, बुधवार
ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ, बलराम और सुभद्रा की मूर्तियों को भव्य रथों में यात्रा निकालकर पूजा की जाती है।
देवशयनी एकादशी / चातुर्मास प्रारंभ – 25 जुलाई 2026, शनिवार
इस दिन से भगवान विष्णु क्षीर सागर में चार माह के लिए शयन करते हैं। इस दौरान मांगलिक कार्य वर्जित माने जाते हैं।
गुरु पूर्णिमा – 29 जुलाई 2026, बुधवार
महर्षि वेद व्यास के जन्म दिवस के रूप में मनाया जाने वाला यह पर्व गुरुजनों और शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त करने का अवसर है।
नाग पंचमी – 17 अगस्त 2026, सोमवार
नाग देवताओं की पूजा की जाती है। इससे सर्पदंश का भय दूर होता है और परिवार में सुख-शांति रहती है।
रक्षा बंधन – 28 अगस्त 2026, शुक्रवार
भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक, जिसमें बहनें राखी बांधकर भाई की लंबी आयु की कामना करती हैं और भाई उनकी रक्षा का वचन देता है।
जन्माष्टमी – 4 सितंबर 2026, शुक्रवार
भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में रातभर उपवास और पूजा होती है।
हरतालिका तीज – 14 सितंबर 2026, सोमवार
सुहागिन महिलाएं अखंड सौभाग्य के लिए व्रत रखती हैं और भगवान शिव-मां पार्वती की पूजा करती हैं।
गणेश चतुर्थी – 14 सितंबर 2026, सोमवार
ज्ञान और समृद्धि के देवता, भगवान गणेश के जन्मोत्सव के रूप में दस दिनों तक मनाया जाता है।
अनंत चतुर्दशी – 25 सितंबर 2026, शुक्रवार
गणेश उत्सव का समापन होता है और भगवान विष्णु के अनंत रूप की पूजा की जाती है।
शारदीय नवरात्रि प्रारंभ – 11 अक्टूबर 2026, रविवार
मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा नौ दिनों तक की जाती है।
दशहरा / विजयादशमी – 20 अक्टूबर 2026, मंगलवार
बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक, भगवान राम द्वारा रावण का वध और मां दुर्गा द्वारा महिषासुर का संहार।
करवा चौथ – 29 अक्टूबर 2026, गुरुवार
सुहागिन महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं और रात को चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत खोलती हैं।
धनतेरस – 6 नवंबर 2026, शुक्रवार
दीपोत्सव का पहला दिन, धन और स्वास्थ्य के देवताओं की पूजा और नई वस्तुएं खरीदने का शुभ दिन।
दीपावली – 8 नवंबर 2026, रविवार
प्रकाश का पर्व, भगवान राम के अयोध्या लौटने और देवी लक्ष्मी पूजन के रूप में मनाया जाता है।
गोवर्धन पूजा – 10 नवंबर 2026, मंगलवार
भगवान कृष्ण द्वारा गोवर्धन पर्वत उठाकर इंद्र के प्रकोप से गोकुल वासियों की रक्षा की याद में।
भाई दूज – 11 नवंबर 2026, बुधवार
भाई-बहन के स्नेह का पर्व, बहनें भाई की लंबी उम्र और सफलता के लिए तिलक करती हैं।
छठ पूजा – 15 नवंबर 2026, रविवार
मुख्य रूप से बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में मनाया जाने वाला सूर्य पूजन और व्रत पर्व।