आज के समय में फिटनेस और बॉडी बनाने का क्रेज तेजी से बढ़ा है. जिम जाने वाले लोग मसल्स बनाने या वजन घटाने के लिए हाई प्रोटीन डाइट और सप्लीमेंट्स का सहारा ले रहे हैं. प्रोटीन शेक, बार और हाई प्रोटीन मील अब रोजमर्रा की डाइट का हिस्सा बन चुके हैं. लेकिन कई लोग यह नहीं समझते कि हर शरीर की जरूरत अलग होती है. जरूरत से ज्यादा प्रोटीन लेना शरीर के लिए फायदेमंद नहीं बल्कि नुकसानदायक हो सकता है. खासकर तब, जब बिना किसी एक्सपर्ट की सलाह के प्रोटीन की मात्रा बढ़ा दी जाए.
किडनी पर क्यों पड़ता है असर
किडनी का काम शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालना होता है. जब हम जरूरत से ज्यादा प्रोटीन लेते हैं, तो किडनी को उसे फिल्टर करने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है. आरएमएल हॉस्पिटल के डॉक्टरों के मुताबिक, लंबे समय तक हाई प्रोटीन डाइट लेने से किडनी पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है. इससे डिहाइड्रेशन, यूरिक एसिड बढ़ना और किडनी स्टोन जैसी समस्याएं हो सकती हैं. जिन लोगों को पहले से किडनी की बीमारी है, उनके लिए हाई प्रोटीन डाइट और भी ज्यादा खतरनाक साबित हो सकती है.
कितना प्रोटीन है सही मात्रा
प्रोटीन की सही मात्रा उम्र, वजन, लाइफस्टाइल और सेहत पर निर्भर करती है. आमतौर पर एक स्वस्थ व्यक्ति को प्रति किलो वजन के हिसाब से सीमित मात्रा में ही प्रोटीन की जरूरत होती है. जिम करने वालों को भी जरूरत से ज्यादा सप्लीमेंट लेने से बचना चाहिए. बेहतर होता है कि प्रोटीन प्राकृतिक स्रोतों से लिया जाए, जैसे दालें, दूध, दही, पनीर, अंडा और नट्स. दिनभर में प्रोटीन को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर लेना शरीर के लिए ज्यादा सुरक्षित और फायदेमंद होता है.
सावधानियां जो किडनी को रखें सुरक्षित
अगर आप हाई प्रोटीन डाइट ले रहे हैं, तो कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है. बिना डॉक्टर या न्यूट्रिशन एक्सपर्ट की सलाह के प्रोटीन सप्लीमेंट न लें. दिनभर पर्याप्त पानी पिएं ताकि किडनी पर दबाव न पड़े. संतुलित डाइट अपनाएं और सिर्फ प्रोटीन पर फोकस न करें. अगर थकान, पेट दर्द, यूरिन में बदलाव या कोई असामान्य लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें. सही मात्रा और सही तरीके से लिया गया प्रोटीन ही सेहत के लिए फायदेमंद होता है.