2026 में अयोध्या जाने से पहले जान लें ये जरूरी बातें, दर्शन समय से टिकट तक, सबकुछ यहां

अयोध्या प्रभु श्रीराम की जन्मभूमि और हिंदुओं के सात पवित्र तीर्थों में से एक है। सरयू नदी के तट पर बसी यह नगरी त्रेतायुग से जुड़ी आस्था, इतिहास और भक्ति का केंद्र रही है। भगवान राम का जन्म, बचपन और राजतिलक यहीं हुआ। 22 जनवरी 2024 को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद से अयोध्या में श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ गई है। आज रोजाना लाखों भक्त राम मंदिर में दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। राम मंदिर के पास स्थित हनुमानगढ़ी भी अयोध्या के सबसे प्राचीन और पूजनीय मंदिरों में गिनी जाती है।

अयोध्या कैसे पहुंचे और मंदिर तक रास्ता

अयोध्या देश के बड़े शहरों से हवाई, रेल और सड़क मार्ग से अच्छी तरह जुड़ी हुई है। यहां महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा मौजूद है, जहां से टैक्सी लेकर सीधे राम मंदिर पहुंचा जा सकता है। ट्रेन से आने वाले यात्री अयोध्या या फैजाबाद स्टेशन पर उतर सकते हैं। सड़क मार्ग से दिल्ली, लखनऊ और वाराणसी से बसें और निजी वाहन आसानी से उपलब्ध हैं। शहर के अंदर ऑटो और साइकिल रिक्शा से राम मंदिर और हनुमानगढ़ी तक पहुंचना बेहद आसान है। हनुमानगढ़ी एक ऊंचाई पर स्थित है, जहां दर्शन के लिए सीढ़ियां चढ़नी होती हैं।

दर्शन समय, टिकट और वीआईपी सुविधा

राम मंदिर में सामान्य दर्शन पूरी तरह निःशुल्क हैं। श्रद्धालु श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की आधिकारिक वेबसाइट से फ्री पास या सुगम दर्शन पास बुक कर सकते हैं। सुगम दर्शन पास 300 रुपये प्रति व्यक्ति का होता है, जिससे लंबी कतार से बचा जा सकता है। सर्दियों में राम मंदिर के दर्शन सुबह 7 बजे से रात 9:15 बजे तक होते हैं। हनुमानगढ़ी में आमतौर पर सुबह 4–5 बजे से रात 10–11 बजे तक दर्शन होते हैं। राम मंदिर में मंगला, श्रृंगार और शयन आरती प्रमुख हैं, जिनके लिए पास जरूरी होता है।

अयोध्या में घूमने लायक प्रमुख स्थल

राम मंदिर और हनुमानगढ़ी के अलावा अयोध्या में कई दर्शनीय स्थल हैं। कनक भवन, जहां माता सीता और प्रभु राम विराजमान हैं, बेहद लोकप्रिय है। दशरथ महल भगवान राम के पिता राजा दशरथ का निवास रहा है। नागेश्वर नाथ मंदिर राम की पैड़ी पर स्थित है और सूर्यकुंड त्रेतायुग से जुड़ी मान्यता रखता है। राम की पैड़ी आज एक खूबसूरत पिकनिक स्पॉट बन चुकी है, जहां भव्य लेजर शो में राम कथा दिखाई जाती है। सीता रसोई भी श्रद्धालुओं के लिए खास आस्था का केंद्र है।

Rishabh Chhabra
Author: Rishabh Chhabra