हम रोज आईने में खुद को देखते हैं और कभी-कभी चेहरे पर नया दाग, रूखापन या हल्का निशान दिख जाता है। अक्सर इसे सामान्य समस्या समझ लिया जाता है, लेकिन कई बार त्वचा अंदर चल रही किसी गंभीर बीमारी का संकेत देती है। डॉक्टर भी कहते हैं कि त्वचा हमारे स्वास्थ्य की एक खिड़की है और यह कई बीमारियों के शुरुआती संकेत दिखा सकती है।
पीलापन: लिवर से जुड़ी समस्या
अगर चेहरे की त्वचा या आंखों के सफेद हिस्से में पीलापन नजर आए, तो इसे थकान समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यह पीलिया हो सकता है, जो लिवर से जुड़ी समस्या का संकेत देता है। खासकर बड़ों में यह लक्षण दिखे तो तुरंत डॉक्टर से जांच कराना जरूरी होता है।
गहरे धब्बे: डायबिटीज का संकेत
गर्दन या बगल के आसपास अगर गहरे रंग के मोटे और मखमली से धब्बे दिखें, तो यह केवल त्वचा की समस्या नहीं होती। कई बार यह इंसुलिन रेजिस्टेंस और डायबिटीज के खतरे का संकेत देता है। दुर्लभ मामलों में इसका संबंध पेट के कैंसर से भी देखा गया है, इसलिए ध्यान देना जरूरी है।
लाल तितली-सदृश निशान: ल्यूपस की ओर इशारा
चेहरे पर गालों और नाक के ऊपर अगर तितली के आकार जैसा लालपन लंबे समय तक बना रहे, तो यह सामान्य रैश नहीं हो सकता। यह ल्यूपस नाम की ऑटोइम्यून बीमारी का संकेत हो सकता है। इस स्थिति में थकान, जोड़ों में दर्द और बुखार जैसे लक्षण भी साथ दिख सकते हैं।
सूखी त्वचा और खुजली: अंदरूनी परेशानी
अगर त्वचा जरूरत से ज्यादा सूखी रहती है और लगातार खुजली हो रही है, तो यह सिर्फ मौसम की वजह नहीं होती। क्रीम लगाने से आराम न मिले तो यह थायरॉइड, किडनी या लिवर से जुड़ी परेशानी का संकेत हो सकता है। कई बार यह लक्षण गंभीर दिक्कतों से पहले दिख सकता है।
तिल में बदलाव: स्किन कैंसर का खतरा
अगर तिल अचानक आकार, रंग या बनावट बदलने लगे, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। ऐसा तिल स्किन कैंसर की चेतावनी हो सकता है। समय रहते पहचान होने पर इसका इलाज संभव होता है, इसलिए ऐसे बदलाव पर डॉक्टर को दिखाना जरूरी है।
नीले निशान: खून संबंधी समस्या
बिना किसी चोट के बार-बार नीले निशान पड़ना भी सामान्य बात नहीं है। यह खून जमने की समस्या या विटामिन की कमी का संकेत हो सकता है। कुछ मामलों में यह गंभीर बीमारियों की ओर भी इशारा करता है, इसलिए ध्यान देना जरूरी है।
स्किन का कठोर होना: गंभीर बीमारी
अगर त्वचा सामान्य से ज्यादा सख्त, मोटी या खिंची हुई लगे, तो यह इम्यून सिस्टम से जुड़ी बीमारी का संकेत हो सकता है। इस स्थिति में सिर्फ त्वचा ही नहीं, अंदरूनी अंग भी प्रभावित हो सकते हैं।
रंग बदलना और घाव का न भरना
अगर त्वचा अचानक बहुत पीली, नीली या स्लेटी सी दिखने लगे, तो यह खून में ऑक्सीजन की कमी का संकेत हो सकता है, जो दिल या फेफड़ों से जुड़ी समस्या में होता है। वहीं, अगर कोई घाव लंबे समय तक न भरे, तो यह डायबिटीज, खराब ब्लड सर्कुलेशन या स्किन कैंसर की चेतावनी भी हो सकता है।