उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले के लिए यह गर्व का पल है, जब यहां के एक युवा खिलाड़ी ने इंडियन प्रीमियर लीग में अपनी जगह बना ली है। संग्रामपुर थाना क्षेत्र के गुजीपुर गांव निवासी प्रशांत वीर तिवारी अब IPL में धमाल मचाने को तैयार हैं। अबू धाबी में हुए IPL ऑक्शन में उन्हें चेन्नई सुपर किंग्स ने 14 करोड़ 20 लाख रुपये में खरीदा। खास बात यह रही कि उनका बेस प्राइस सिर्फ 30 लाख रुपये था। इतनी बड़ी बोली लगने के बाद परिवार और पूरे इलाके में खुशी की लहर दौड़ गई है।
मेहनत से मिली पहचान
प्रशांत वीर तिवारी ने अपनी मेहनत और लगन के दम पर यह मुकाम हासिल किया है। पहले उन्होंने यूपी रणजी टीम में जगह बनाई और फिर अपने शानदार प्रदर्शन से IPL फ्रेंचाइज़ियों का ध्यान खींचा। गांव की गलियों में क्रिकेट खेलने वाले प्रशांत आज देश की सबसे बड़ी टी-20 लीग में चुने गए हैं, जो कई युवाओं के लिए प्रेरणा बन गया है।
परिवार का सहयोग बना ताकत
प्रशांत के पिता रामेंद्र तिवारी सहजीपुर प्राथमिक विद्यालय में शिक्षामित्र हैं, जबकि उनकी मां अंजना तिवारी गृहणी हैं। बेटे की इस सफलता पर मां भावुक हो उठीं और कहा कि वह चाहती हैं कि प्रशांत आगे चलकर भारतीय टीम में खेले और देश का नाम रोशन करे। परिवार ने शुरू से ही उसके सपनों को समझा और हर कदम पर उसका साथ दिया।
शिक्षा और क्रिकेट की शुरुआत
प्रशांत की शुरुआती पढ़ाई संग्रामपुर ब्लॉक के भारद्वाज एकेडमी और केपीएस स्कूल से हुई। पढ़ाई के दौरान ही उन्हें क्रिकेट में खास रुचि पैदा हो गई। अमेठी स्थित भीमराव अंबेडकर स्टेडियम में कोच गालिब अंसारी के मार्गदर्शन में उन्होंने क्रिकेट की बारीकियां सीखीं। इसके बाद उनका चयन स्पोर्ट्स हॉस्टल मैनपुरी में हुआ, जहां से उन्होंने कक्षा 9 और 10 की पढ़ाई पूरी की।
यूपी टी-20 लीग में चमका प्रदर्शन
प्रशांत वीर ने यूपी टी-20 लीग में नोएडा किंग्स टीम से खेलते हुए शानदार प्रदर्शन किया। इस सीजन उन्होंने टीम की कप्तानी भी संभाली और अपने दमदार खेल से ‘इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ का खिताब जीता। इससे पहले वह मुश्ताक अली टी-20 ट्रॉफी में भी अपनी प्रतिभा दिखा चुके हैं।
गांव में जश्न और आगे के सपने
IPL में चयन की खबर मिलते ही गांव में जश्न का माहौल बन गया। लोग फोन और सोशल मीडिया के जरिए बधाइयां दे रहे हैं। पिता का कहना है कि उन्हें पूरा भरोसा है कि एक दिन उनका बेटा भारतीय टीम की जर्सी पहनेगा। छोटे भाई आर्य वीर भी कानपुर में क्रिकेट की ट्रेनिंग ले रहे हैं। प्रशांत वीर तिवारी की कहानी यह साबित करती है कि सच्ची मेहनत और विश्वास से छोटे गांव से भी बड़े सपने पूरे किए जा सकते हैं।