Dharmendra की याद में रोईं हेमा मालिनी, प्रेयर मीट में छलके जज़्बात, बोलीं- ये सदमा कभी नहीं मिटेगा

बॉलीवुड के ही-मैन धर्मेंद्र के निधन को 16 दिन हो चुके हैं, लेकिन फिल्म इंडस्ट्री और उनका परिवार अभी भी गहरे सदमे में है। 24 नवंबर को दुनिया को अलविदा कहने वाले धर्मेंद्र के लिए उनकी पत्नी और अभिनेत्री हेमा मालिनी ने दिल्ली में एक भावुक प्रेयर मीट का आयोजन किया। इस अवसर पर उनकी बेटियां ईशा देओल और अहाना देओल भी मौजूद रहीं। माहौल शांत था, लेकिन यादों से भरा, और हेमा मालिनी अपने जीवनसाथी को याद करते हुए खुद को रोक नहीं पाईं।

हेमा ने याद किया अनोखा सफर

प्रेयर मीट के दौरान हेमा मालिनी ने धर्मेंद्र से जुड़ी अपनी निजी यादों को साझा किया। उन्होंने कहा कि फिल्मों में साथ काम करते हुए जो प्रेम पर्दे पर दिखा, वही प्यार असल जीवन में उनके रिश्ते की नींव बना। वह बोलीं- “हमारा प्यार सच्चा था और इसी वजह से हम हर परिस्थिति का सामना कर पाए। धर्मेंद्र जी एक समर्पित पति थे, हमेशा मेरे साथ खड़े रहे। मेरी हर खुशी, हर फैसले में उनकी सहमति और साथ मिला।” हेमा की आंखें भर आईं जब उन्होंने इस साथ को भावुकता से याद किया।

बच्चों और पोते-पोतियों के प्रति धर्मेंद्र का स्नेह

हेमा ने धर्मेंद्र के पिता और नाना के रूप में निभाए गए रोल को भी याद किया। उन्होंने बताया कि धर्मेंद्र अपनी दोनों बेटियों ईशा और अहाना से बेहद प्यार करते थे। सही समय पर उनकी शादी कराना हो या जीवन की चुनौतियों में उनका हाथ थामना, धर्मेंद्र हर कदम पर उनके मजबूत सहारा बने। हेमा ने कहा कि वह अपने पांचों पोते-पोतियों के ‘प्यारे नानू’ थे। बच्चों को देखकर उनकी आंखों में चमक आ जाती थी। वे अक्सर कहते- “देखो, यह हमारी सुंदर फुलवारी है, इसे हमेशा प्यार से संभालकर रखना।”

हेमा मालिनी का दर्द छलका

श्रद्धांजलि सभा में जब हेमा मालिनी ने पत्नी के रूप में अपने दर्द को शब्द दिए, तो माहौल भावुक हो उठा। उन्होंने कहा- “कभी नहीं सोचा था कि एक दिन मुझे अपने धरम जी के लिए शोक सभा आयोजित करनी पड़ेगी। पूरी दुनिया उनके जाने से दुखी है, लेकिन यह मेरे लिए ऐसा सदमा है जिससे उबर पाना मुश्किल है।” उनकी आंखों से बहते आंसू उनके भीतर चल रहे दर्द को बयां कर रहे थे।

अंतिम यादें और जीवनभर की कमी

धर्मेंद्र के निधन ने परिवार, दोस्तों और उनके लाखों चाहने वालों के दिलों में एक खालीपन छोड़ दिया है। हेमा मालिनी ने कहा कि धर्मेंद्र सिर्फ उनके पति नहीं, बल्कि प्रेरणा, विश्वास और शक्ति के स्रोत थे। उनका जाना उनके जीवन में एक ऐसी कमी है जिसे कोई भर नहीं सकता।

Rishabh Chhabra
Author: Rishabh Chhabra