कई लोगों के पैरों पर अचानक नीली, लाल या बैंगनी रंग की पतली लकीरें दिखाई देने लगती हैं, जो पहली नजर में बिल्कुल मकड़ी के जाले जैसी लगती हैं। त्वचा के नीचे फैली इन लकीरों को बहुत लोग सामान्य स्किन पैटर्न समझ लेते हैं, लेकिन यह वास्तव में नसों के कमजोर होने और ब्लड फ्लो में रुकावट का संकेत होती हैं। आजकल यह समस्या इतनी आम हो गई है कि लगभग हर दस में से चार लोग इसे महसूस करते हैं। लंबे समय तक खड़े रहना, बढ़ता वजन या उम्र बढ़ना इसकी प्रमुख वजहों में शामिल हैं। कई महिलाओं में यह समस्या प्रेगनेंसी और हार्मोनल बदलावों के दौरान भी उभरकर सामने आती है।
स्पाइडर वेन्स क्या होती हैं
त्वचा के नीचे मौजूद छोटी खून की नसें जब फैलने लगती हैं और उन पर दबाव बढ़ जाता है, तो वे ऊपर से दिखाई देने लगती हैं। इन्हें स्पाइडर वेन्स कहा जाता है। इनका रंग लाल, नीला या बैंगनी हो सकता है और ये बिल्कुल जाले की तरह पत्तियों के फैलाव जैसी आकृति बनाती हैं। यह अक्सर पैरों, टांगों, टखनों और कभी-कभी चेहरे पर भी दिखाई देती हैं। शुरुआत में यह केवल दिखने में खराब लगती हैं, लेकिन कई मामलों में इनके पीछे नसों की कमजोरी छिपी होती है।
नसों के कमजोर होने के कारण
स्पाइडर वेन्स तब बनती हैं, जब नसों में मौजूद छोटे वाल्व ठीक से काम नहीं करते। वाल्व का काम खून को दिल की ओर ऊपर की तरफ ले जाना होता है, लेकिन जब वे ढीले पड़ जाते हैं, तो खून नीचे की ओर जमा होने लगता है। इससे नसों पर दबाव बढ़कर वे फैल जाती हैं। जो लोग लंबे समय तक खड़े रहते हैं, जैसे शिक्षक या दुकान कर्मचारी, उनमें यह समस्या ज्यादा देखी जाती है। वहीं कंप्यूटर पर लंबे समय तक बैठे रहने वालों में भी पैरों में खून जमा होने लगता है। बढ़ता वजन भी पैरों पर अतिरिक्त दबाव डालता है। प्रेगनेंसी में खून की मात्रा बढ़ने और हार्मोनल बदलावों से भी नसें कमजोर हो जाती हैं। इसके अलावा यह समस्या आनुवंशिक रूप से भी हो सकती है। उम्र बढ़ने पर त्वचा और नसें अपनी मजबूती खोने लगती हैं, जिससे ये आसानी से दिखाई देने लगती हैं।
पैरों में दिख रही नसों से राहत कैसे पाएं
अगर पैरों में मकड़ी के जाले जैसी नसें दिखाई दे रही हैं, तो कुछ सरल उपाय ब्लड फ्लो सुधारने में मदद कर सकते हैं। रोजाना कुछ देर पैरों को दीवार पर टिकाकर आराम करने से रक्त का प्रवाह ऊपर की ओर बढ़ता है। स्टैंडिंग लेग रेज जैसी एक्सरसाइज पिंडली की मांसपेशियों को मजबूत बनाती हैं, जिससे खून आसानी से ऊपर पंप होता है। रोज 10 मिनट उल्टा चलना भी नसों पर दबाव कम करता है। वजन कम करना सबसे प्रभावी उपायों में से एक है। इसके साथ ही कम्प्रेशन स्टॉकिंग्स पहनने से नसों में खून जमा नहीं होता। गर्म पानी और एप्सम सॉल्ट में पैर डुबोने से नसों को आराम मिलता है और सूजन कम होती है।