Indigo Crisis ने यात्रियों को किया बेहाल, 5 दिन से उड़ानें हो रहीं रद्द, आखिर जिम्मेदार कौन?

इंडिगो की घरेलू उड़ानों में कैंसिलेशन और देरी का सिलसिला शनिवार को लगातार पांचवें दिन भी जारी रहा। सुबह से ही देशभर के एयरपोर्ट्स पर हजारों यात्री अपनी उड़ानों का इंतज़ार करते हुए परेशान दिखे। हालात इतने बिगड़ गए कि कई जगहों पर अव्यवस्था की स्थिति बन गई। एयरलाइन ने हालांकि शुक्रवार को यात्रियों से माफी मांगते हुए भरोसा दिया कि जिन भी उड़ानों को रद्द किया गया है, उनका पूरा रिफंड दिया जाएगा।

फ्लीट तो बड़ी, लेकिन समयबद्धता में भारी गिरावट

भारत के एविएशन सेक्टर में सबसे बड़ा हिस्सा रखने वाली इंडिगो रोजाना करीब 2,300 उड़ानें ऑपरेट करती है और इसके पास 400 से अधिक विमान हैं। इतने बड़े नेटवर्क के बावजूद पिछले कुछ दिनों में इसकी पंक्चुएलिटी बेहद खराब हुई है। विशेषज्ञों के अनुसार ऑपरेशनल रुकावटें अभी कुछ और दिनों तक बनी रह सकती हैं। कई यात्रियों ने सोशल मीडिया पर एयरलाइन की टाइम मैनेजमेंट व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।

कैप्टन सेवियो फर्नांडिस ने बताए संकट के कारण

एक टीवी चैनल से बातचीत में वरिष्ठ और अनुभवी पायलट कैप्टन सेवियो फर्नांडिस ने कहा कि इंडिगो जैसी बड़ी एयरलाइन में ऐसा संकट असामान्य है। उन्होंने बताया कि कंपनी के पास 5,000 से ज्यादा पायलट हैं, जो 20 वर्षों से इसकी उड़ानों को संभालते आए हैं। पहले जब प्रतिदिन 2,000 से अधिक उड़ानें चलती थीं, तब ऑन-टाइम परफॉर्मेंस 95% रहती थी। लेकिन अब जब सिर्फ 1,000 उड़ानें ही ऑपरेट हो रही हैं, तो ओटीपी 10% तक गिर जाना समझ से बाहर है। उन्होंने साफ कहा कि पायलट इस स्थिति के लिए जिम्मेदार नहीं हो सकते।

DGCA की भूमिका पर कैप्टन का स्पष्टीकरण

कई आरोपों के बीच कैप्टन फर्नांडिस ने डीजीसीए को जिम्मेदार ठहराए जाने की बात को नकार दिया। उन्होंने बताया कि डीजीसीए ने अपने नए नियमों की जानकारी एयरलाइन को आठ महीने पहले ही दे दी थी। शीतकालीन सीजन में अतिरिक्त उड़ानों की अनुमति देने से पहले नियामक यह पुष्टि करता है कि एयरलाइन के पास पर्याप्त पायलट उपलब्ध हैं। जब इंडिगो ने ‘हाँ’ कहा, तभी उसे 1,000 अतिरिक्त उड़ानों की मंजूरी मिली थी।

DGCA के नियम और पायलट उपलब्धता का सच

पायलट एसोसिएशन के अनुसार एक फ्लाइट के लिए नॉर्मल टर्न-अराउंड टाइम 40 मिनट तय है। साथ ही प्रति विमान औसतन 5.5 से 6 पायलट का सेट होना आवश्यक माना जाता है। इंडिगो के पास 5,400 पायलट और 10,000 से अधिक केबिन क्रू मौजूद हैं। एसोसिएशन ने यह भी स्पष्ट किया कि डीजीसीए के मानकों के अनुसार इंडिगो स्टाफ और पायलट की संख्या पूरी तरह से पर्याप्त है। इसके बावजूद संकट कैसे पैदा हुआ, यह एयरलाइन की आंतरिक योजना और संचालन पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।

Rishabh Chhabra
Author: Rishabh Chhabra