भारत सरकार आने वाले सालों में देश को दुनिया का बड़ा रक्षा उत्पादन केंद्र बनाने के मिशन पर काम कर रही है। इस दिशा में 2029 तक 3 लाख करोड़ रुपये के घरेलू डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग और 50,000 करोड़ रुपये के रक्षा निर्यात का बड़ा लक्ष्य तय किया गया है। हाल ही में डिफेंस अधिग्रहण परिषद (डीएसी) ने 67,000 करोड़ रुपये की रक्षा खरीद को मंजूरी देकर इस दिशा में एक और बड़ा कदम बढ़ाया है। इसमें आर्मी, नेवी और एयरफोर्स के लिए आधुनिक हथियार, मिसाइल, रडार और अत्याधुनिक उपकरण शामिल हैं, जो आत्मनिर्भर भारत की रक्षा नीति को और मजबूत करते हैं।
रक्षा बजट में बढ़ोतरी की तैयारी
रक्षा मंत्रालय वित्त वर्ष 2027 के लिए अपने बजट में करीब 20% की बढ़ोतरी की मांग करने जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार के बढ़ते फोकस और नई मंजूरियों के बाद डिफेंस सेक्टर में आने वाले महीनों में ऑर्डर और ज्यादा गति पकड़ेंगे। हाल के समय में कई रक्षा कंपनियों के शेयर उच्च स्तर से थोड़ा नीचे आए हैं, ऐसे में निवेशकों की नजर फिर से इस सेक्टर पर टिक गई है। बढ़ता सरकारी समर्थन इस इंडस्ट्री में आने वाले समय को और मज़बूत बनाने की ओर संकेत करता है।
भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड: मजबूत ऑर्डर बुक का भरोसा
भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) देश की प्रमुख डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी है, जो रडार, मिसाइल सिस्टम, और कम्युनिकेशन उपकरणों के निर्माण में अग्रणी है। कंपनी के पास 75,600 करोड़ रुपये का विशाल ऑर्डर बुक है, जो अगले पाँच वर्षों की कमाई लगभग तय करता है। अनुमान है कि FY26 में BEL को करीब 57,000 करोड़ रुपये के नए ऑर्डर मिल सकते हैं। कंपनी अपने गैर-डिफेंस कारोबार को भी 20% तक विस्तार देने की तैयारी में है, जिससे उसकी कमाई के नए रास्ते खुलेंगे।
हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स: विमानन क्षेत्र में लगातार मजबूत पकड़
हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) भारतीय वायुसेना के लिए लड़ाकू विमान, हेलीकॉप्टर और इंजन बनाने वाली प्रमुख कंपनी है। इसके पास 2.3 लाख करोड़ रुपये का मजबूत ऑर्डर बुक है, जो FY33 तक उसकी आय को सुरक्षित बनाता है। हाल ही में HAL को 97 नए तेजस Mk1A विमानों का 62,400 करोड़ रुपये का बड़ा ऑर्डर मिला है। कंपनी अपनी उत्पादन क्षमता भी लगातार बढ़ा रही है, जिससे भविष्य में और बड़े प्रोजेक्ट्स को संभालना संभव होगा।
भारत डायनेमिक्स: मिसाइल निर्माण में अग्रणी खिलाड़ी
भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (BDL) देश की प्रमुख मिसाइल और टॉरपीडो निर्माता कंपनी है। इसके पास 23,500 करोड़ रुपये का ऑर्डर बुक है, जबकि आने वाले पांच सालों के लिए 50,000 करोड़ रुपये की संभावित पाइपलाइन मौजूद है। हाल ही में सरकार द्वारा मंजूर किए गए कई मिसाइल प्रोजेक्ट्स का सीधा लाभ BDL को मिलेगा। BEL, HAL और BDL तीनों कंपनियां ‘मेक इन इंडिया’ डिफेंस विजन की सबसे बड़ी लाभार्थी बनकर उभर सकती हैं।
डिफेंस इंडस्ट्री के लिए नया स्वर्णिम दौर
घरेलू उत्पादन, बढ़ते ऑर्डर और बजट विस्तार के कारण भारत का रक्षा क्षेत्र तेजी से अपने स्वर्णिम दौर की ओर बढ़ रहा है। आने वाले वर्षों में ये कंपनियां न सिर्फ देश की सुरक्षा को मजबूत करेंगी, बल्कि भारत को वैश्विक डिफेंस निर्यात बाजार में भी मजबूती से स्थापित कर सकती हैं।