Emerald पहनते ही मिल सकता है धन–भाग्य का साथ, जानें कैसे

पन्ना रत्न यानी एमराल्ड ज्योतिष में बेहद प्रभावी माना जाता है। इसे बुध ग्रह का प्रतिनिधि रत्न कहा जाता है। कई लोग अपनी कुंडली में बुध की स्थिति मजबूत करने और जीवन में स्थिरता लाने के लिए इस रत्न को धारण करते हैं। माना जाता है कि पन्ना पहनने से व्यक्ति की बुद्धि, वाणी और व्यावहारिक क्षमता पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। यही वजह है कि पन्ना उन रत्नों में से एक है जिन्हें बड़े ही विश्वास और ज्योतिषीय सलाह के आधार पर पहना जाता है।

पन्ना पहनने के लाभ

ज्योतिष के अनुसार पन्ना रत्न आर्थिक जीवन में सुधार लाने में मदद करता है। यह धन की वृद्धि और वित्तीय स्थिरता प्रदान करता है। कई लोग मानते हैं कि पन्ना मानसिक तनाव को कम करता है और मन को शांत बनाता है। कारोबारियों के लिए भी यह रत्न शुभ माना जाता है क्योंकि यह निर्णय लेने की क्षमता बढ़ाता है और व्यापार में वृद्धि के योग मजबूत करता है। पन्ना पहनने से व्यक्ति स्पष्ट सोच विकसित करता है, जिससे जीवन में सफलता की राह आसान हो जाती है।

कन्या राशि के लिए क्यों शुभ है पन्ना

कन्या राशि के स्वामी स्वयं बुध देव हैं, इसलिए इस राशि के जातकों के लिए पन्ना अत्यंत शुभ माना जाता है। जिन लोगों की राशि कन्या है, उन्हें यह रत्न अवश्य धारण करना चाहिए क्योंकि यह उनके स्वभाव, करियर और आर्थिक जीवन में सकारात्मक बदलाव लाता है। पन्ना पहनने से कन्या राशि वालों की वाकपटुता बढ़ती है, सीखने की क्षमता मजबूत होती है और कामकाज में स्थिरता आती है।

मिथुन राशि वालों के लिए भी है लाभकारी

मिथुन राशि का स्वामित्व भी बुध ग्रह के पास है, इसी कारण इस राशि के लोगों के लिए पन्ना पहनना अत्यंत लाभदायक होता है। मिथुन राशि के जातकों को यह रत्न मानसिक स्पष्टता, संवाद कौशल और रचनात्मकता बढ़ाने में मदद करता है। ऐसा माना जाता है कि मिथुन राशि वाले जब पन्ना धारण करते हैं, तो उनके जीवन में तरक्की और सौभाग्य के अवसर बढ़ने लगते हैं।

कब और कैसे करें पन्ना धारण

पन्ना पहनने के लिए बुधवार का दिन सबसे शुभ माना जाता है, क्योंकि यह दिन बुध ग्रह को समर्पित है। ज्योतिषी की सलाह लेकर ही सही वजन और सही गुणवत्ता वाला पन्ना चुना जाना चाहिए। बुधवार की सुबह स्नान-ध्यान के बाद रत्न को गंगाजल से शुद्ध कर पूजा में स्थापित किया जाता है। इसके बाद पन्ना को छोटी उंगली में पहनना चाहिए, ताकि इसका प्रभाव सीधे बुध ग्रह से जुड़ सके।

Rishabh Chhabra
Author: Rishabh Chhabra