बिहार में नई राजनीतिक तस्वीर लगभग साफ हो चुकी है। एनडीए विधायक दल की बैठक में एकमत से नीतीश कुमार को नेता चुना गया, जिसके बाद तय हो गया कि वह एक बार फिर राज्य के मुख्यमंत्री बनेंगे। यह उनका दसवां कार्यकाल होगा। बैठक में सम्राट चौधरी ने उनके नाम का प्रस्ताव रखा, जिसे सभी विधायकों ने सर्वसम्मति से स्वीकार किया। इसी के साथ नीतीश कुमार को पुनः मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी देने का रास्ता पूरी तरह खुल गया है।
राजभवन में इस्तीफा और सरकार बनाने का दावा
मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने से पहले नीतीश कुमार औपचारिक तौर पर राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपेंगे। इसके तुरंत बाद वे नई सरकार बनाने का दावा भी पेश करेंगे। इससे पहले जेडीयू विधायक दल की बैठक में भी उन्हें एकमत से दल का नेता चुना गया था। दूसरी ओर, एनडीए की ओर से उपमुख्यमंत्री पद के लिए बीजेपी नेताओं सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा के नामों पर औपचारिक मुहर लग चुकी है।
नई सरकार के शपथ ग्रहण की तैयारियां
20 नवंबर को पटना के गांधी मैदान में नई सरकार का भव्य शपथ ग्रहण समारोह आयोजित होगा। यह कार्यक्रम सुबह 11 बजे से दोपहर 12.30 बजे के बीच चलेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, कई केंद्रीय मंत्रियों और बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के शामिल होने की संभावना है। मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर को पूरा हो रहा है, इसलिए उससे पहले नई सरकार का गठन अनिवार्य है।
मंत्रिमंडल में शामिल होंगे विभिन्न दलों के चेहरे
सूत्रों के अनुसार, नई कैबिनेट में बीजेपी कोटे से करीब 15 से 16 मंत्री शामिल किए जा सकते हैं। जेडीयू की ओर से मुख्यमंत्री के अलावा लगभग 14 मंत्रियों के शपथ लेने की संभावना है। चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) से तीन नेताओं को मंत्रिमंडल में जगह मिलने की चर्चा है। वहीं, जीतन राम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टियों से भी एक-एक मंत्री शामिल किए जाने के संकेत मिल रहे हैं।
बिहार चुनाव में एनडीए की बड़ी जीत
बिहार विधानसभा चुनाव में इस बार एनडीए को शानदार सफलता मिली। बीजेपी 100 सीटों पर चुनाव लड़कर 89 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। जेडीयू ने भी 100 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे, जिनमें से 85 सीटों पर जीत हासिल की। चिराग पासवान की पार्टी ने भी बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 29 में से 19 सीटें जीतीं। इसके साथ जीतन राम मांझी की पार्टी को 5 और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी को 4 सीटें मिलीं। इन परिणामों ने मिलकर एनडीए की मजबूत सरकार बनाने का रास्ता तैयार किया।