बिहार विधानसभा चुनाव में NDA की प्रचंड जीत के बाद अब मंत्रालयों के बंटवारे और नई सरकार के गठन को लेकर दिल्ली में बैठकों का दौर तेज हो गया है। सबसे बड़ी चुनौती मंत्रिमंडल में शामिल होने वाले नामों और विभागों के बंटवारे को लेकर है, जहां बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है।
नीतीश के करीबी नेताओं की अमित शाह और नड्डा से लंबी बैठक
सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दो सबसे भरोसेमंद नेताओं की करीब तीन घंटे तक महत्वपूर्ण बैठक चली। इन नेताओं में जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष और नीतीश के बेहद करीबी संजय झा और केंद्र सरकार में जेडीयू कोटे से मंत्री ललन सिंह शामिल थे। यह बैठक मंत्रालयों के अंतिम स्वरूप और सत्ता साझेदारी के फॉर्मूले को अंतिम रूप देने के लिए की गई।
20 नवंबर को हो सकता है नई सरकार का गठन
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, 20 नवंबर को बिहार में नई सरकार का गठन किया जा सकता है। मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर को समाप्त हो रहा है, और यह 19 नवंबर को भंग हो जाएगी। तब तक नीतीश कुमार कार्यवाहक मुख्यमंत्री के तौर पर पद पर बने रहेंगे। इस चुनाव में बीजेपी 89 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी है, जबकि जेडीयू के खाते में 85 सीटें आई हैं। एनडीए को कुल 202 सीटों का प्रचंड बहुमत मिला है। चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने भी 19 सीटों पर शानदार जीत दर्ज की है।
मंत्रिमंडल का संभावित फॉर्मूला हुआ तैयार
बिहार में नई सरकार के गठन के लिए मंत्रिमंडल का फॉर्मूला लगभग तैयार हो चुका है। सूत्रों के मुताबिक, यह अनुमान है कि बीजेपी कोटे से 15 से 16 मंत्री हो सकते हैं। वहीं, जेडीयू से मुख्यमंत्री के अलावा 14 मंत्री बनाए जाने की संभावना है। चिराग पासवान की पार्टी से तीन मंत्री शपथ ले सकते हैं, जिसमें एक उपमुख्यमंत्री का पद भी शामिल हो सकता है। इसके अलावा, जीतन राम मांझी की पार्टी और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी से एक-एक मंत्री बनाया जा सकता है। पिछले दो दिनों से सरकार गठन को लेकर लगातार बैठकों का सिलसिला जारी है, जिसमें प्रधानमंत्री आवास पर हुई लंबी बैठकें भी शामिल हैं।