Winter में बनेगा लाजवाब अचार, बस इन गलतियों से रहें दूर, नहीं तो कुछ दिन में हो जाएगा खराब!

सर्दियों के मौसम में हर घर में गाजर, मूली, गोभी और नींबू का अचार बनता है. यह खाने के स्वाद को दोगुना कर देता है. परांठे, दाल-चावल या सब्जी के साथ अचार हर थाली की शान होता है. सर्दियों में मसालों की खुशबू और सरसों के तेल में पके हुए अचार का स्वाद अलग ही मजा देता है. लेकिन कई बार मेहनत से बनाया गया अचार कुछ ही दिनों में खराब हो जाता है या उसका स्वाद बिगड़ जाता है. इसके पीछे कुछ आम गलतियां होती हैं, जिन्हें ध्यान में रखकर आप अचार को लंबे समय तक सुरक्षित रख सकते हैं.

नमी है अचार खराब होने की बड़ी वजह

अचार के जल्दी खराब होने की एक बड़ी वजह है नमी. जब सब्जियां पूरी तरह सूखती नहीं हैं या उनमें पानी रह जाता है, तो अचार में फफूंदी लग जाती है. इसलिए अचार डालने से पहले सब्जियों को अच्छी तरह धूप में सुखाना बेहद जरूरी है. इसके अलावा अचार निकालने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला चम्मच भी पूरी तरह सूखा होना चाहिए. नमी वाला चम्मच या तेल की कमी अचार को जल्दी खराब कर सकती है.

कच्चे मसाले न डालें

अचार में कच्चे मसाले डालना एक बड़ी गलती है. कच्चे मसालों में नमी और कच्चापन होता है, जिससे अचार का स्वाद बिगड़ सकता है. इसलिए अचार के लिए मेथी, राई, सौंफ, हल्दी, लाल मिर्च और अजवाइन जैसे मसालों को पहले हल्का-सा भून लें. इससे उनमें से नमी खत्म हो जाएगी और खुशबू भी बढ़ जाएगी. मसालों को ठंडा होने के बाद ही अचार में डालें ताकि उनका फ्लेवर सही बना रहे.

धूप में रखना है जरूरी कदम

अचार तैयार करने के बाद उसे कुछ दिनों तक धूप में रखना जरूरी होता है. इससे मसाले और तेल सब्जियों में अच्छे से घुल जाते हैं और फफूंदी लगने की संभावना कम हो जाती है. शुरुआत के 4-5 दिन रोजाना अचार को 3-4 घंटे धूप में रखें और जार को हल्का-सा हिलाते रहें ताकि तेल और मसाले ठीक से मिल जाएं.

बर्तन की सफाई पर दें ध्यान

अचार को स्टोर करने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला बर्तन पूरी तरह साफ और सूखा होना चाहिए. अगर बर्तन में थोड़ी-सी भी नमी रह गई तो अचार खराब हो सकता है. अचार रखने के लिए कांच या सिरेमिक की बरणी सबसे अच्छी मानी जाती है. प्लास्टिक के कंटेनर से बचें, क्योंकि इनमें बदबू और बैक्टीरिया जल्दी पनपते हैं.

तेल का सही तापमान बनाए रखें

अचार बनाते समय तेल का सही तरह से गर्म होना बेहद जरूरी है. सरसों का तेल तब तक गर्म करें जब तक उसमें से धुआं न उठने लगे. फिर उसे ठंडा करके अचार में डालें. अगर अचार पूरी तरह तेल में ढका रहेगा, तो यह सालों तक खराब नहीं होगा. तेल न सिर्फ स्वाद बढ़ाता है, बल्कि अचार को लंबे समय तक सुरक्षित भी रखता है.

Rishabh Chhabra
Author: Rishabh Chhabra