हिंदू समाज के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद जी महाराज भी 8 हजार से ज्याादा सांपों को सुरक्षित रेस्क्यू कर चुके मुरली वाले हौसला के फैन हो गए हैं। पिछले दिनों कोबरा सांप द्वारा काटे जाने के बाद अस्पताल में भर्ती मुरली वाले को प्रेमानंद जी महाराज ने फोन कर उनके हौसले और इस नेक सेवा के लिए प्रशंसा की।
जौनपुर के रहने वाले मुरली वाले हौसला, जो अब तक 8000 से ज्यादा सांपों को रेस्क्यू कर चुके हैं, हाल ही में एक कोबरा के डसने से गंभीर रूप से घायल हो गए। खेत में घुसे कोबरा को बचाने के दौरान यह हादसा हुआ। उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के बाद अब वे धीरे-धीरे स्वस्थ हो रहे हैं।
प्रेमानंद महाराज ने फोन पर बातकर बढ़ाया मनोबल
जैसे ही यह खबर सामने आई, देशभर में मुरली वाले हौसला के शुभचिंतक चिंतित हो उठे। इसी बीच प्रसिद्ध आध्यात्मिक संत प्रेमानंद जी महाराज ने स्वयं उन्हें फोन कर हालचाल जाना और उनके साहस की सराहना की। उन्होंने कहा, “मुरली वाले धरती के सच्चे रक्षक हैं। यह सेवा कोई सामान्य व्यक्ति नहीं कर सकता, यह तो तपस्वियों का काम है।”
भावुक हो उठे सांपों के रक्षक
प्रेमानंद जी महाराज के आशीर्वाद से मुरली वाले भावुक हो उठे. उन्होंने कहा, “महाराज जी की बातें मेरे लिए संजीवनी जैसी हैं। जल्द ही ठीक होकर फिर से अपने मिशन पर लौटूंगा। जब तक सांस है, हर सांप की जान बचाने की कोशिश करता रहूंगा।”
वर्षों से कर रहे वन्यजीवों की सेवा
जौनपुर निवासी मुरली वाले हौसला पिछले कई वर्षों से खेतों, घरों और जंगलों में घुस आए जहरीले सांपों को बिना नुकसान पहुंचाए सुरक्षित पकड़ते हैं और उन्हें फिर से जंगल में छोड़ देते हैं। उनका मानना है कि सांप भी प्रकृति का हिस्सा हैं और बिना वजह किसी को नुकसान नहीं पहुंचाते।
हाल ही में जब वे एक कोबरा को बचाने पहुंचे, तभी दुर्भाग्यवश कोबरा ने उन्हें डस लिया। अस्पताल में भर्ती होने की खबर जैसे ही फैली, सोशल मीडिया पर उनके लिए दुआओं की बाढ़ आ गई।
सोशल मीडिया पर दुआओं की बाढ़
सोशल मीडिया पर लोग उन्हें तरह-तरह के नाम दे रहे हैं। लोग उन्हें ‘सांपों का रक्षक’ और ‘वन्यजीवों के मसीहा’ कहने लगे हैं। मुरली वाले कहते हैं, “जब तक सांस है, हर सांप की जान बचाने का प्रयास करता रहूंगा।” उनका साहस, समर्पण और सेवा न केवल प्रेरणादायक है, बल्कि समाज के लिए एक उदाहरण भी है।
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