मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को आजमगढ़ के सलारपुर, फूलपुर में गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे का भव्य लोकार्पण किया. जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम ने कहा कि आजमगढ़ अब पहचान के संकट से निकलकर अदम्य साहस और विकास का प्रतीक बन गया है. एक्सप्रेसवे से गोरखपुर, आजमगढ़, अंबेडकर नगर और संत कबीर नगर को वर्ल्ड क्लास कनेक्टिविटी मिलेगी.
विपक्ष पर सीधा हमला, पुरानी सरकारों पर आरोप
सीएम योगी ने कहा कि पिछली सरकारों ने विकास की बजाय डी-कंपनी और दाऊद जैसे गिरोहों से गठजोड़ किया था, जिससे आजमगढ़ आतंक का अड्डा बन गया था. उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि 2007-08 में ‘वंदे मातरम’ गाने की वकालत करने पर अजीत राय की हत्या कर दी गई थी. अब ऐसे दुस्साहस की कोई हिम्मत नहीं कर सकता.
एक्सप्रेसवे से पूर्वांचल को नई उड़ान
योगी ने बताया कि पूर्वांचल, बुंदेलखंड और अब गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे जैसे प्रोजेक्ट उत्तर प्रदेश को इंफ्रास्ट्रक्चर की नई ऊंचाइयों पर ले जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि 2017 से पहले केवल दो अधूरे एक्सप्रेसवे थे, जबकि आज छह एक्सप्रेसवे निर्माणाधीन हैं और कई चालू हो चुके हैं. गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण इस वर्ष के अंत तक प्रधानमंत्री द्वारा किया जाएगा.
डी कंपनी पर घमासान, अखिलेश ने पलटवार किया
योगी द्वारा सपा पर लगाए गए ‘डी कंपनी’ से संबंधों के आरोप पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पलटवार किया. उन्होंने कहा कि पहले यह स्पष्ट किया जाए कि डी कंपनी किसे कहते हैं. उन्होंने दावा किया कि सीएम के मीडिया सलाहकार ने पैसे लेकर उनके खिलाफ फर्जी खबरें चलवाईं और उसी का डी कंपनी से लेनदेन था.
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की असल शुरुआत पर भी बहस
अखिलेश यादव ने यह भी दावा किया कि पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का शिलान्यास नेताजी (मुलायम सिंह यादव) के प्रयासों से हुआ था और उन्होंने ही विधानसभा में इसकी घोषणा की थी. उन्होंने कहा कि जब आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पूरा हुआ तब आजमगढ़ और गाजीपुर को जोड़ने की मांग की गई, न कि किसी नेता या पत्रकार की ओर से.
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के लोकार्पण के साथ पूर्वी उत्तर प्रदेश को विकास की एक और बड़ी सौगात मिली है, लेकिन इस मौके पर राजनीति भी गरमा गई. सीएम योगी और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के बीच डी कंपनी को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर छिड़ गया है, जो आने वाले समय में और भी तूल पकड़ सकता है.
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