Haryana: कौन है मैडम ‘X’ जिसने नौजवानों को बनाया मोहरा? देवेंद्र ढिल्लों के कबूलनामे से हुआ खुलासा

हरियाणा के कैथल जिले से उठे एक मामूली केस ने देश की सुरक्षा एजेंसियों को चौंका दिया है। पिस्तौल के साथ फेसबुक पर फोटो डालने वाले देवेंद्र सिंह ढिल्लों के मोबाइल से जो राज़ खुले, उसने ISI की गहरी साजिशों का पर्दाफाश कर दिया। पूछताछ में देवेंद्र ने कबूला कि वह पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के हनी ट्रैप का शिकार बना। इस साजिश की सबसे रहस्यमयी कड़ी है – मैडम ‘X’। एक ऐसी महिला जिसने सोशल मीडिया के जरिए कई भारतीय युवाओं को अपने जाल में फंसाने की कोशिश की और उनसे जासूसी करवाई।

करतारपुर के बहाने ISI का ‘हनी ट्रैप’

देवेंद्र सिंह ढिल्लों ने बताया कि वह एक जत्थे के साथ करतारपुर कॉरिडोर गया था। वहीं पर उसकी मुलाकात पाकिस्तानी नागरिक विक्की से हुई। विक्की ने उसे घुमाया, पूजा करवाई और फिर लाहौर ले गया, जहां उसकी मुलाकात अर्सलान नामक व्यक्ति से हुई। वहीं एक होटल में अर्सलान की महिला दोस्त भी मौजूद थी, जिससे देवेंद्र की बातचीत हुई, नंबर और इंस्टाग्राम आईडी का आदान-प्रदान हुआ। यहीं से शुरू हुई हनी ट्रैप की कहानी।

भारत लौटने के बाद, उस महिला ने देवेंद्र को सोशल मीडिया पर ब्लॉक कर दिया, लेकिन तब तक वह अपना मकसद पूरा कर चुकी थी। देवेंद्र ने विक्की के कहने पर एक भारतीय QR कोड पर ₹1500 ट्रांसफर किए और बाद में एक भारतीय सिम कार्ड भी उपलब्ध कराने की बात हुई। सुरक्षा एजेंसियां अब इस QR कोड और सिम कार्ड की जांच में जुट गई हैं।

मैडम ‘X’: सोशल मीडिया से लेकर जासूसी तक

जांच में सामने आया है कि यही महिला, जिसे सुरक्षा एजेंसियां ‘मैडम X’ नाम दे रही हैं, ISI के हनी ट्रैप नेटवर्क की अहम कड़ी है। बताया जा रहा है कि वह पहले भी कई भारतीय युवकों को अपने हुस्न के जाल में फंसा चुकी है। खास तौर पर सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स, सेना और सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े लोगों को टारगेट करना उसका तरीका है। इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर फर्जी पहचान से संपर्क साधकर वह युवाओं को पहले भावनात्मक रूप से करीब लाती है और फिर उनसे संवेदनशील सूचनाएं निकलवाने की कोशिश करती है।

कैसे पकड़ा गया देवेंद्र?

11 मई को एक सिक्योरिटी एजेंट ने शिकायत दी कि देवेंद्र ने फेसबुक पर अवैध हथियारों के साथ तस्वीरें साझा की हैं। जांच में सामने आया कि उसके पास किसी भी हथियार का लाइसेंस नहीं था। 13 मई को उसे हिरासत में लिया गया। पूछताछ के दौरान मोबाइल फोन से मिले डेटा ने जांच की दिशा ही बदल दी। पाकिस्तान को भेजे गए संवेदनशील दस्तावेजों और संचार की पुष्टि हुई, जिसके बाद देवेंद्र को जासूसी के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया।

सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता और बढ़ी

इस खुलासे के बाद खुफिया एजेंसियां और सतर्क हो गई हैं। सोशल मीडिया पर संदिग्ध अकाउंट्स की निगरानी तेज कर दी गई है और इस बात की जांच की जा रही है कि कहीं और कौन-कौन इस हनी ट्रैप जाल का शिकार हो चुके हैं। मैडम X की पहचान अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो सकी है, लेकिन उसके पीछे एक संगठित गिरोह के होने के संकेत मिल रहे हैं, जिसकी कमान सीधे ISI के हाथ में है।

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Author: The Hindi Post