गर्मी और बरसात के मौसम में घर में चींटियों की भरमार होना आम बात है। खासकर किचन, खिड़कियों के कोने और फर्श के किनारों पर ये रेंगती हुई नजर आने लगती हैं। बाजार में चीटियों से छुटकारा दिलाने वाले कई कीटनाशक मौजूद हैं, लेकिन ये न केवल महंगे होते हैं बल्कि केमिकल से भरे होने के कारण सेहत के लिए भी हानिकारक हो सकते हैं। ऐसे में एक सस्ता, सुरक्षित और असरदार घरेलू उपाय है – सिरका (विनेगर)।
- क्यों है सिरका सबसे असरदार उपाय?
सिरका एक तेज गंध वाला तरल है, जिसकी खुशबू चींटियों को बिल्कुल पसंद नहीं आती। ये उनकी दिशा भटकाने और उन्हें परेशान करने में बेहद कारगर होता है। सिरके की सबसे खास बात यह है कि यह लगभग हर घर में मौजूद होता है और महज 5 रुपये में मिल जाता है।
- कैसे बनाएं सिरका का स्प्रे?
सिरके से चीटियों को भगाने के लिए आपको चाहिए:
आधा कप सफेद सिरका
आधा कप पानी
एक खाली स्प्रे बोतल
इन दोनों चीजों को स्प्रे बोतल में मिलाकर अच्छे से हिला लें। अब इस मिश्रण को उन जगहों पर छिड़कें जहां चींटियां ज्यादा दिखाई देती हैं। जैसे, किचन का सिंक, दरवाजों और खिड़कियों के किनारे, फर्नीचर के नीचे, चींटियों के आने-जाने के रास्ते पर स्प्रे करें।
- नींबू और दालचीनी भी हैं असरदार साथी
सिर्फ सिरका ही नहीं, आप नींबू और दालचीनी की मदद से भी चींटियों को दूर भगा सकते हैं। नींबू का रस भी सिरके की तरह एसिडिक होता है। इसे पानी में मिलाकर स्प्रे करें या नींबू के छिलकों को चींटियों के रास्तों पर रखें। दालचीनी पाउडर या दालचीनी की छाल को चींटियों के रास्ते पर बिखेर दें। इसकी गंध से चींटियां परेशान हो जाती हैं और वापस नहीं आतीं।
- बोरिक एसिड से भी मिलती है राहत
अगर समस्या ज्यादा बढ़ जाए तो आप बोरिक एसिड का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। इसे कॉर्नस्टार्च या पाउडर शुगर के साथ मिलाकर चींटियों के रास्ते में रखें। हालांकि, इस मिश्रण को बच्चों और पालतू जानवरों से दूर रखें, क्योंकि बोरिक एसिड जहरीला हो सकता है।
- सफाई भी है जरूरी
सिर्फ सिरका या घरेलू उपायों से ही नहीं, घर को चींटियों से मुक्त रखने के लिए साफ-सफाई का ध्यान रखना बहुत जरूरी है।
- स्प्रे करते समय इन बातों का रखें ध्यान
सिरका स्प्रे करने से पहले घर की खिड़कियां और दरवाजे थोड़ी देर के लिए खोल दें ताकि गंध जल्दी उड़ जाए और घर के लोगों को परेशानी न हो।
अगर फर्नीचर या सतह पर दाग रह जाए तो बाद में एक साफ कपड़े से पोंछना न भूलें।
;