उत्तर प्रदेश के नोएडा में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां दादरी पुलिस ने गे नेटवर्किंग एप का इस्तेमाल कर युवकों को लूटने वाले चार लोगों को गिरफ्तार किया है. इन आरोपियों में दक्ष, भूपेंद्र, जे राघव और हनी शामिल हैं. अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (जोन III) सुधीर कुमार ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने इन चारों को गिरफ्तार किया और इनके कब्जे से एक देसी पिस्तौल, चाकू, वारदात में इस्तेमाल की गई कार और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई है.
ऐप पर दोस्ती, फिर ब्लैकमेल और लूट
पुलिस के अनुसार आरोपी सोशल मीडिया और गे नेटवर्किंग एप्लिकेशन के जरिए समलैंगिक युवकों से दोस्ती करते थे. ये लोग ग्रेटर नोएडा के सुनसान इलाकों में मिलने का न्योता देकर पीड़ितों को बुलाते थे. वहां पहले शारीरिक संबंध बनाने का नाटक करते और फिर पीड़ितों के साथ मारपीट कर नकदी, मोबाइल और अन्य कीमती सामान लूट लेते थे. कई मामलों में आरोपियों ने पीड़ितों को डराने-धमकाने की भी कोशिश की ताकि वे शिकायत न करें.
पूछताछ में खुली कई वारदातों की परतें
गिरफ्तारी के बाद पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने कई वारदातों को कबूल किया है. उन्होंने बताया कि वे काफी समय से इस तरह की घटनाओं को अंजाम दे रहे थे और उनका टारगेट वे युवक होते थे जो खुलकर शिकायत नहीं कर सकते थे. पुलिस को शक है कि इस गैंग के और भी सदस्य हो सकते हैं और जांच इस दिशा में जारी है.
गाज़ियाबाद में भी सामने आया था ऐसा ही मामला
गौरतलब है कि कुछ महीने पहले गाजियाबाद से भी इसी तरह का मामला सामने आया था, जहां आठ बदमाशों को गिरफ्तार किया गया था. वे ग्राइंडर (Grindr) जैसे डेटिंग एप के ज़रिए युवकों से दोस्ती करते थे और होमोसेक्सुअल एक्टिविटी के बहाने उन्हें बुलाकर पहले बंधक बनाते, फिर उनके नग्न फोटो और वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करते थे. इसके ज़रिए वे बड़ी रकम वसूलते थे.
पुलिस की अपील: सतर्क रहें, साइबर फ्रॉड से बचें
पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे सोशल मीडिया या नेटवर्किंग ऐप्स पर अंजान लोगों से दोस्ती करते समय सतर्क रहें. ऐसे मामलों में पीड़ितों को तुरंत पुलिस से संपर्क करना चाहिए ताकि अपराधियों को समय रहते पकड़ा जा सके और उन्हें कड़ी सजा दिलाई जा सके.
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