IMF की रिपोर्ट से बौखलाया पाकिस्तान, भारत बनेगा चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था, दुनिया में बजेगा डंका

नई दिल्ली। भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच भारत के लिए एक बड़ी और गर्व की बात सामने आई है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने अपनी ताजा रिपोर्ट में भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर भरोसा जताया है और अनुमान लगाया है कि भारत 2025 में जापान को पछाड़कर दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। यह खबर ऐसे समय में आई है जब पाकिस्तान आतंकी हमले और बढ़ते कूटनीतिक तनाव के चलते बौखलाया हुआ है।

IMF ने अपने ‘वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक – अप्रैल 2025’ में कहा है कि चालू वित्त वर्ष के अंत तक भारत की नॉमिनल जीडीपी 4,187.017 अरब डॉलर तक पहुंच सकती है। वहीं, जापान की संभावित जीडीपी 4,186.431 अरब डॉलर रहने का अनुमान है। महज एक अरब डॉलर की बढ़त के साथ भारत एशिया की सबसे ताकतवर अर्थव्यवस्थाओं में एक बन जाएगा।

2028 में बनेगा तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत की आर्थिक प्रगति यहीं नहीं रुकेगी। यदि विकास दर ऐसी ही बनी रही, तो 2028 तक भारत जर्मनी को पीछे छोड़कर तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है। तब भारत की जीडीपी 5,584.476 अरब डॉलर पहुंचने की संभावना है, जबकि जर्मनी की जीडीपी 5,251.928 अरब डॉलर तक सीमित रह सकती है।

इसका मतलब यह है कि भारत 2027 तक 5 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनने का लक्ष्य हासिल कर लेगा। यह भारत के लिए न केवल आर्थिक मोर्चे पर एक बड़ी कामयाबी होगी, बल्कि वैश्विक पटल पर उसकी रणनीतिक और राजनीतिक स्थिति को भी और मजबूत बनाएगा।

पाकिस्तान को लग रहे हैं तगड़े झटके

दूसरी तरफ, आर्थिक और राजनीतिक रूप से संघर्ष कर रहे पाकिस्तान को लगातार झटके पर झटके मिल रहे हैं। IMF ने पाकिस्तान की जीडीपी ग्रोथ का अनुमान 2025 के लिए घटाकर 2.6% कर दिया है, जो पहले 3% था। यह गिरावट उसकी कमजोर नीतियों और लगातार बढ़ते कर्ज भार का नतीजा मानी जा रही है।

इतना ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसी मूडीज ने भी सोमवार को एक रिपोर्ट में कहा है कि भारत-पाक तनाव का भारत पर असर सीमित होगा, जबकि पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था के लिए यह स्थिति संकटपूर्ण हो सकती है। विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव बढ़ेगा और ग्रोथ रेट और नीचे जा सकता है।

भारत की मजबूती, पाकिस्तान की चिंता

एक ओर भारत वैश्विक मंच पर अपनी आर्थिक ताकत से नए कीर्तिमान गढ़ रहा है, वहीं पाकिस्तान को अपनी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय नीतियों पर फिर से सोचने की जरूरत है। IMF की रिपोर्ट न सिर्फ भारत की सफलता की कहानी है, बल्कि यह पाकिस्तान जैसे देशों के लिए एक चेतावनी भी है कि युद्ध और उकसावे की राजनीति छोड़कर विकास और स्थिरता पर ध्यान दिया जाए।

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Author: The Hindi Post