भारत ने पहलगाम में हुए बर्बर आतंकवादी हमले का तीखा जवाब देते हुए पाकिस्तान के आतंकी ढांचे पर ऐसा प्रहार किया कि उसके होश उड़ गए. तीनों सेनाओं की संयुक्त कार्रवाई में 25 मिनट के भीतर पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में 21 आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर दिया गया. इस ऑपरेशन को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम दिया गया है. यह जवाब न केवल त्वरित था, बल्कि बेहद सटीक और विध्वंसकारी भी रहा.
आतंकियों को नाम और धर्म पूछकर मारी गई थी गोली
दो हफ्ते पहले पहलगाम में पाकिस्तान से आए आतंकियों ने निर्दोष पर्यटकों को नाम और धर्म पूछकर गोलियों से भून दिया था. इस हमले में 26 लोगों की दर्दनाक मौत हुई थी, जिनमें ज्यादातर पुरुष पर्यटक थे. इस क्रूरता ने पूरे देश को झकझोर दिया. देशभर में पाकिस्तान के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग उठने लगी. जनता के आक्रोश और राष्ट्रीय सुरक्षा की प्रतिबद्धता के तहत भारत सरकार ने जवाबी कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी थी.
‘ऑपरेशन सिंदूर’ की योजना और क्रियान्वयन
इस ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना ने संयुक्त रूप से योजना बनाई. खुफिया एजेंसियों की मदद से पाकिस्तान और PoK में मौजूद आतंकवादी ठिकानों की पहचान की गई. 6 मई की रात ठीक 1:05 बजे ऑपरेशन शुरू हुआ और 1:30 बजे समाप्त हो गया. इस दौरान कुल 21 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया. सेना के मुताबिक, इस कार्रवाई में 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए, जिनमें आतंकी मसूद अजहर के परिवार के 10 सदस्य भी शामिल हैं.
कौन-कौन से हथियार किए गए इस्तेमाल
ऑपरेशन में भारत की आधुनिक सैन्य क्षमताओं की झलक देखने को मिली. सबसे घातक हथियार स्कैल्प मिसाइल रही, जिसे राफेल फाइटर जेट से लॉन्च किया गया. यह मिसाइल ‘किल वेब’ रणनीति का हिस्सा है और 560-600 किलोमीटर की दूरी तक मार करने में सक्षम है. इसकी गति Mach 0.8 है और यह दुश्मन के रडार को चकमा देने की क्षमता रखती है. इसके अलावा स्टैंड-ऑफ हथियार, लोइटरिंग म्यूनिशन (घूमते हुए लक्ष्य ढूंढकर हमला करने वाले ड्रोन), और स्मार्ट बमों का भी उपयोग किया गया. सभी हमले भारतीय सीमा से ही किए गए.
पीएम मोदी और रक्षा मंत्री का कड़ा संदेश
इस करारा जवाब देने के तुरंत बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, “भारत माता की जय”. वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले ही संकेत दे दिए थे जब उन्होंने 23 अप्रैल को सिंधु जल संधि रद्द कर दी थी, राजनयिक संबंध सीमित कर दिए थे और पाकिस्तान के साथ व्यापार बंद कर दिया था. यह स्पष्ट था कि भारत इस बार केवल बयानबाजी तक सीमित नहीं रहेगा.
पाकिस्तान को वर्षों तक याद रहेगा सबक
ऑपरेशन सिंदूर से भारत ने यह संदेश साफ कर दिया है कि वह अपने नागरिकों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं करेगा. आतंकी हमलों का जवाब अब कूटनीतिक स्तर से बढ़कर सैन्य कार्रवाई के जरिए दिया जाएगा. पाकिस्तान में पसरा सन्नाटा और वैश्विक समुदाय की प्रतिक्रिया इस बात की पुष्टि करती है कि भारत की यह जवाबी कार्रवाई रणनीतिक, कानूनी और नैतिक रूप से पूरी तरह उचित थी.
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