OTT पर अश्लील कंटेट की भरमार, सरकार को देना होगा अब एक-एक का हिसाब, पढ़ें पूरी खबर

एजाज खान का विवादित रियलिटी शो ‘हाउस अरेस्ट’ इन दिनों सोशल मीडिया और खबरों की सुर्खियों में बना हुआ है। अश्लील कंटेंट को लेकर इस शो को लेकर भारी विरोध हो रहा है और उल्लू ऐप से इसके सभी एपिसोड्स हटा दिए गए हैं। शो के होस्ट एजाज खान और मेकर्स के खिलाफ मुंबई के अंबोली पुलिस स्टेशन में केस भी दर्ज किया गया है। इस बीच शो की चर्चित कंटेस्टेंट और बोल्ड एक्ट्रेस गहना वशिष्ठ ने पूरे विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी है और एजाज खान का खुलकर समर्थन किया है।

गहना वशिष्ठ ने इंडिया टुडे/आज तक को दिए इंटरव्यू में कहा कि शो ‘हाउस अरेस्ट’ को एकतरफा तरीके से टारगेट किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर किसी फिल्म या स्कूल में सेक्स एजुकेशन पर बात की जा सकती है, तो वेब सीरीज में ऐसा क्यों नहीं किया जा सकता? गहना ने मांग की कि OTT प्लेटफॉर्म्स के लिए एक सेंसर बोर्ड का गठन होना चाहिए, जिससे कंटेंट को लेकर स्पष्ट गाइडलाइन्स तय की जा सकें।

विवाद की जड़ वह क्लिप है जो 29 अप्रैल को सोशल मीडिया पर वायरल हुई, जिसमें एजाज खान फीमेल कंटेस्टेंट्स को कैमरे के सामने इंटीमेट पोज देने को कहते दिखे। वायरल क्लिप के बाद शो को अश्लील करार दिया गया और एजाज खान को जमकर ट्रोल किया गया। इसपर गहना ने कहा कि क्लिप को संदर्भ से हटाकर दिखाया जा रहा है और पूरी कहानी जाने बिना लोगों ने राय बना ली है।

गहना ने एजाज खान को लेकर कहा, “एजाज को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। वो एग्रेसिव दिख सकते हैं, लेकिन असल में वो ऐसे नहीं हैं। उन्होंने किसी पर दबाव नहीं डाला था। अगर कोई और होस्ट होता, तो शायद उसे टारगेट नहीं किया जाता।”

यह शो ‘बिग बॉस’ और ‘लॉकअप’ की तर्ज पर डिजाइन किया गया था, जिसमें बोल्डनेस और अनसेंसर्ड टास्क को शो की यूएसपी बताया गया। इसमें गहना वशिष्ठ, नेहल वडोदिया, अभा पॉल, हुमेरा शेख, सारिका सालुंके और अन्य एक्ट्रेसेज़ ने भाग लिया, वहीं मेल कंटेस्टेंट्स में राहुल भोज, संकल्प सोनी और अक्षय उपाध्याय जैसे चेहरे शामिल थे।

गहना ने यह भी कहा कि कोई भी मेकर अपने शो को जानबूझकर विवाद में नहीं लाना चाहता, क्योंकि पब्लिसिटी स्टंट उल्टा भी पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि लोग वही कंटेंट देखते हैं जो बिकता है। अगर दर्शक अश्लीलता नहीं देखेंगे, तो वह बनना भी बंद हो जाएगी।

OTT प्लेटफॉर्म्स की स्वतंत्रता को लेकर गहना ने कहा कि इस फ्रीडम के साथ एक जिम्मेदारी भी जुड़ी होनी चाहिए। उन्होंने सूचना और प्रसारण मंत्रालय से मांग की कि वेब सीरीज के लिए स्पष्ट सेंसरशिप नियम बनाए जाएं।

पोर्नोग्राफिक साइट्स की आसान उपलब्धता पर भी उन्होंने सवाल उठाए और कहा कि जब बच्चों को ऐसी साइट्स से नहीं रोका जा रहा, तो एक वेब शो पर इतना हंगामा क्यों?

इस पूरे मामले पर NCW (नेशनल कमिशन फॉर वुमन) ने उल्लू ऐप के सीईओ विभु अग्रवाल और एजाज खान को समन भेजा है। दोनों को 9 मई तक आयोग के समक्ष पेश होने का आदेश दिया गया है। देखना दिलचस्प होगा कि यह विवाद किस दिशा में आगे बढ़ता है और OTT कंटेंट पर सेंसरशिप की बहस किस मोड़ पर पहुंचती है।

;
The Hindi Post
Author: The Hindi Post