कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस हमले में 28 लोगों की जान चली गई, जिनमें उत्तर प्रदेश के कानपुर निवासी शुभम द्विवेदी भी शामिल थे। शुभम की असमय मौत ने उनके परिवार को गहरे दुख में डुबो दिया है। बुधवार देर रात शुभम का शव उनके पैतृक गांव कानपुर पहुंचा, जहां पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान पूरा गांव शोक में डूबा नजर आया।
गुरुवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुभम द्विवेदी के परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने शोकसंतप्त पत्नी ऐशन्या और अन्य परिजनों से मुलाकात की। इस भावुक मुलाकात का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें सीएम योगी अपनी आंखें पोंछते हुए नजर आ रहे हैं। ऐशन्या के दर्द को सुनते हुए सीएम योगी भी खुद को संभाल नहीं पाए और भावुक हो उठे। यह दृश्य न सिर्फ वहां मौजूद लोगों की आंखें नम कर गया, बल्कि देशभर के लोगों को झकझोर गया।
मीडिया से बात करते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने पहलगाम आतंकी हमले को “क्रूर और कायराना हरकत” बताया। उन्होंने कहा कि कोई भी सभ्य समाज ऐसी घटनाओं को कभी स्वीकार नहीं कर सकता। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि भारत सरकार आतंकवाद के प्रति ‘कतई बर्दाश्त नहीं करने’ की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश आतंकवाद को जड़ से खत्म करने में सक्षम है।
सीएम योगी ने यह भी कहा कि आतंकवाद अब अपनी आखिरी सांसें गिन रहा है। सरकार आतंकियों को हर मोर्चे पर जवाब देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि जो लोग देश की शांति और एकता को भंग करने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।
शुभम द्विवेदी की पत्नी ऐशन्या ने भी अपने पति के बलिदान पर गर्व जताया, लेकिन उनका दर्द उनकी आंखों में साफ झलक रहा था। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने पति की शहादत पर फख्र है, लेकिन सरकार से अपेक्षा है कि इस हमले के पीछे जिम्मेदार आतंकियों को जल्द से जल्द सज़ा मिले।
इस पूरी घटना ने देश में एक बार फिर आतंकवाद के खिलाफ आक्रोश और एकजुटता को जन्म दिया है। लोग सोशल मीडिया पर शुभम द्विवेदी और अन्य शहीदों को श्रद्धांजलि दे रहे हैं और सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
पहलगाम हमला न केवल एक आतंकी घटना है, बल्कि यह हमारे समाज और सरकार की सहनशीलता की परीक्षा भी है। शुभम जैसे वीरों की शहादत यह संदेश देती है कि देश की सुरक्षा के लिए हमारे जवान और आम नागरिक किसी भी हद तक जा सकते हैं। अब बारी सरकार की है कि वह आतंक के इन साजिशकर्ताओं को करारा जवाब दे और देशवासियों के भरोसे को मजबूत करे।
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