अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर का निर्माण तीव्र गति से जारी है. इसके साथ ही सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए एक बेहद मजबूत और अत्याधुनिक सुरक्षा प्रणाली तैयार की जा रही है. मंदिर परिसर की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष दीवार बनाई जाएगी, जिसकी लंबाई करीब 4 किलोमीटर होगी. यह दीवार यूपी की जेलों की दीवारों से कहीं अधिक ऊंची, सुदृढ़ और तकनीकी रूप से सुसज्जित होगी.
अत्याधुनिक सेंसर से युक्त सुरक्षा दीवार
राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि इस सुरक्षा दीवार में अत्याधुनिक सेंसर लगाए जाएंगे. ये सेंसर किसी भी अवांछित गतिविधि की तुरंत पहचान कर सकते हैं और तत्काल कंट्रोल रूम को अलर्ट भेजेंगे. इससे किसी भी तरह के सुरक्षा उल्लंघन पर तत्काल कार्रवाई संभव होगी. इस दीवार का निर्माण कार्य प्रतिष्ठित संस्था इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड को सौंपा गया है.
6 महीने में जरूरी काम पूरे, फिर 18 महीनों में दीवार पूरी
नृपेंद्र मिश्र के अनुसार, अगले 6 महीनों में कई जरूरी कार्यों को पूरा कर लिया जाएगा. इसके बाद 18 महीनों में सुरक्षा दीवार का निर्माण कार्य पूरी तरह समाप्त हो जाएगा. निर्माण की शुरुआत एक सप्ताह के भीतर सॉयल टेस्टिंग के साथ हो जाएगी. यह दीवार केवल भौतिक सुरक्षा नहीं बल्कि तकनीकी निगरानी का भी एक बेहतरीन उदाहरण होगी.
तीन प्रमुख परियोजनाएं शुरू
मंदिर परिसर के विकास के लिए तीन अहम परियोजनाओं पर कार्य शुरू किया जा रहा है. इनमें पहली है परिसर की बाउंड्री वॉल का निर्माण, दूसरी सुविधा केंद्र की क्षमता को दुगुना करना और तीसरी पंचवटी ध्यान केंद्र की स्थापना. पंचवटी ध्यान केंद्र को 10 एकड़ भूमि पर विकसित किया जाएगा, जो श्रद्धालुओं के लिए एक साधना स्थल के रूप में कार्य करेगा.
सुविधा केंद्र और मूर्तियों की स्थिति
सुविधा केंद्र में अब मिसलेनियस गुड्स के लिए अतिरिक्त रैक भी जोड़े जाएंगे ताकि श्रद्धालुओं को और बेहतर सेवाएं मिल सकें. इसके साथ ही सप्त मंडप की सभी प्रतिमाएं मंदिर परिसर में स्थापित की जा चुकी हैं. कल गोस्वामी तुलसीदास जी की भव्य प्रतिमा का अनावरण भी किया जाएगा, जो इस सांस्कृतिक स्थल को और अधिक भव्यता प्रदान करेगी.
अयोध्या की नई धार्मिक पहचान
इन सुरक्षा उपायों और आध्यात्मिक निर्माण कार्यों के माध्यम से अयोध्या न केवल एक मजबूत धार्मिक केंद्र के रूप में उभर रहा है, बल्कि देश और दुनिया में अपनी नई धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान भी स्थापित कर रहा है.;