लखनऊ। उत्तर प्रदेश कैबिनेट की मंगलवार को हुई बैठक में आम लोगों और प्रदेश के जवानों के लिए कई अहम फैसलों पर मुहर लगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कुल 13 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन फैसलों में सबसे बड़ा फैसला पीआरडी जवानों को लेकर आया है। लंबे समय से अपने भत्ते में बढ़ोतरी की मांग कर रहे पीआरडी जवानों को अब 395 रुपये की जगह 500 रुपये प्रतिदिन भत्ता मिलेगा। यह बढ़ा हुआ भत्ता 1 अप्रैल 2025 से प्रभावी होगा।
प्रदेश में फिलहाल 34,000 से अधिक पीआरडी जवान तैनात हैं, जो कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस प्रशासन का सहयोग करते हैं। बढ़ती महंगाई के बीच उनका वर्तमान भत्ता बेहद कम माना जा रहा था। इसी को ध्यान में रखते हुए कैबिनेट ने यह निर्णय लिया है।
अब यमुना एक्सप्रेस वे पर मिलेगी सीधी लैंडिंग
कैबिनेट बैठक में दूसरा बड़ा फैसला पूर्वांचल और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को आपस में जोड़ने को लेकर लिया गया। सरकार ने ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस वे को यमुना एक्सप्रेस वे से जोड़ने के लिए इंटरचेंज बनाने की मंजूरी दे दी है। यह इंटरचेंज गाजियाबाद, मेरठ और हापुड़ जैसे जिलों के यात्रियों को सीधे यमुना एक्सप्रेस वे तक पहुंचाने में मदद करेगा।
यह इंटरचेंज जगनपुर-अफजलपुर गांव के पास बनाया जाएगा और इसकी डिजाइन व निर्माण की जिम्मेदारी राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को दी गई है। प्राधिकरण इसके निर्माण का सारा खर्च वहन करेगा और भविष्य में टोल वसूली भी एनएचएआई के माध्यम से ही की जाएगी।
अयोध्या को मिलेगा 300 बेड का सुपर स्पेशलिटी अस्पताल
कैबिनेट ने धार्मिक नगरी अयोध्या के लिए भी एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। यहां 300 बेड का सुपर स्पेशलिटी अस्पताल बनाया जाएगा। यह अस्पताल सीता आई हॉस्पिटल की सरप्लस भूमि पर बनेगा और इससे अयोध्या ही नहीं बल्कि आसपास के जिलों के लोगों को उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी।
सरकार के अनुसार यह अस्पताल अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा और इसमें विभिन्न रोगों के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती की जाएगी। अयोध्या में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या और जनसंख्या के मद्देनजर यह अस्पताल बेहद जरूरी माना जा रहा था।
मूक-बधिर और मानसिक रूप से कमजोर बच्चों के लिए डे केयर सेंटर
बैठक में अयोध्या में एक विशेष डे केयर सेंटर स्थापित करने के प्रस्ताव को भी हरी झंडी दी गई। यह सेंटर 3 से 7 वर्ष की आयु के मूक-बधिर, दृष्टिबाधित और मानसिक रूप से कमजोर बच्चों के लिए बनाया जाएगा। यह भवन तहसील सदर की नजूल भूमि पर बनेगा।
हाथरस को मिलेगा मेडिकल कॉलेज
स्वास्थ्य क्षेत्र में एक और बड़ा फैसला हाथरस जिले के लिए लिया गया है, जहां एक मेडिकल कॉलेज की स्थापना का प्रस्ताव पास किया गया। इससे न सिर्फ जिले के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी, बल्कि चिकित्सा शिक्षा को भी बढ़ावा मिलेगा।
अन्य प्रस्तावों को भी मिली मंजूरी
इन प्रमुख प्रस्तावों के अलावा कैबिनेट ने सहकारी समितियों एवं पंचायत लेखा परीक्षा सेवा नियमावली के पुनर्गठन और अन्य तकनीकी व प्रशासनिक विषयों से जुड़े 13 प्रस्तावों को मंजूरी दी है।
योगी सरकार के ये फैसले न केवल बुनियादी ढांचे को मजबूत करेंगे, बल्कि आम जनता और कर्मचारियों को राहत भी देंगे। इससे साफ है कि सरकार प्रदेश में विकास के साथ-साथ सामाजिक सुरक्षा को भी प्राथमिकता दे रही है।;