Mahakumbh के जल की जर्मनी तक डिमांड, सरकार का सामने आया भेजने का पूरा प्लान

प्रयागराज महाकुंभ 2025 के सफल आयोजन के बाद त्रिवेणी संगम के पावन जल की मांग अब देश की सीमाएं पार कर विदेशों तक पहुंच गई है। पहली बार पवित्र गंगा जल की एक खेप प्रयागराज से जर्मनी भेजी गई है। यह कदम उस दिशा में एक नई शुरुआत है, जहां भारत की सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक परंपराओं की झलक विदेशों में बसे श्रद्धालुओं तक पहुंच रही है।

प्रदेश के 75 जिलों में पहुंचाया जाएगा जल

महाकुंभ के आयोजन के दौरान 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने प्रयागराज के त्रिवेणी संगम में स्नान कर पुण्य लाभ प्राप्त किया था। इस ऐतिहासिक आयोजन के बाद उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने निर्णय लिया था कि इस पवित्र जल को ‘महाप्रसाद’ के रूप में प्रदेश के सभी 75 जिलों में पहुंचाया जाएगा। अग्निशमन विभाग की सहायता से यह जल सभी जिलों में भेजा भी गया।

महिला प्रेरणा संकुल स्तरीय समिति ने जर्मनी भेजा गंगाजल

अब इसी जल की मांग विदेशों से भी आने लगी है। प्रयागराज स्थित एनआरएलएम (राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन) के उपायुक्त राजीव कुमार सिंह ने जानकारी दी कि जिले के जसरा क्षेत्र की नारी शक्ति महिला प्रेरणा संकुल स्तरीय समिति द्वारा त्रिवेणी जल की आपूर्ति की जा रही है। इसी समिति ने 1000 कांच की बोतलों में गंगा जल पैक कर उसे जर्मनी भेजा है। इस पवित्र जल को श्री पंच दशनाम जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी के माध्यम से वहां भेजा गया।

बताया गया है कि जर्मनी में कई श्रद्धालु ऐसे हैं जो किसी कारणवश महाकुंभ नहीं पहुंच सके। उनके लिए यह त्रिवेणी का जल एक अनमोल उपहार बनकर पहुंचा है। वहां भेजी गई बोतलों की क्षमता 250 एमएल रखी गई थी।

देश के विभिन्न हिस्सों में भेजा जा चुका है जल

महिला स्वयं सहायता समूहों की मेहनत और समर्पण भी इस पहल में अहम भूमिका निभा रहा है। जसरा समिति की प्रभारी नमिता सिंह के अनुसार महाकुंभ के आयोजन के बाद से अब तक 50,000 से अधिक बोतलों में गंगा जल पैक कर देश के विभिन्न हिस्सों में भेजा जा चुका है। हाल ही में नागपुर स्थित शिव शंभू ग्रुप सोसायटी को 500 एमएल की बोतलों में 50,000 यूनिट जल भेजा गया।

नॉर्थ ईस्ट भारत में गंगा जल की मांग

यही नहीं, नॉर्थ ईस्ट भारत में भी इस पवित्र जल की मांग तेजी से बढ़ी है। असम के गुवाहाटी स्थित परम शिवम शिव मंदिर योगाश्रम के संत राजा रामदास त्रिवेणी संगम पहुंचे और निजी टैंकरों के माध्यम से जल भरवाने की इच्छा जताई। उत्तर प्रदेश अग्निशमन विभाग के सीएफओ प्रमोद शर्मा ने बताया कि विभाग ने सहयोग करते हुए उनके टैंकरों में त्रिवेणी जल भरवाया और उन्हें रवाना किया गया।

इस पूरी पहल से यह स्पष्ट हो गया है कि गंगा का पवित्र जल सिर्फ भारतवासियों के लिए ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में बसे श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रतीक है। योगी सरकार की यह पहल गंगा को विश्व मंच पर ले जाने की दिशा में एक मजबूत कदम बनकर उभर रही है।

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Author: The Hindi Post