Sankashti Chaturthi: व्रत की तिथि को लेकर फैला असमंजस, जानें किस दिन होगी विधि विधान से पूजा-अर्चना

जैसे हर महीने की एकादशी तिथि भगवान विष्णु को समर्पित होती है. ठीक वैसे ही हर माह की चतुर्थी तिथि भगवान गणेश को समर्पित मानी जाती है. इसी वजह से हर माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को संकष्टी चतुर्थी कहा जाता है. इसके अलावा हर माह शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को विनायक चतुर्थी कहा जाता हैं. वहीं माघ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को हर साल सकट चौथ का व्रत रखने का विधान है. सकट चौथ को तिलकुटा और तिलकुट चौथ भी कहते हैं.

सकट चौथ पर होती है भगवान गणेश की पूजा

सकट चौथ के दिन महिलाएं भगवान श्रीगणेश जी की पूजा-अर्चना करती हैं और व्रत रखती हैं. वहीं इस साल माघ कृष्ण चतुर्थी तिथि दो दिन पड़ रही है. जिसके चलते लोगों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है कि सकट चौथ का व्रत कब रखना है. कुछ लोग का कहना है कि सकट चौथ का व्रत 16 जनवरी को है, तो कुछ का कहना है कि 17 जनवरी को सकट चौथ का व्रत रखा जाएगा. चलिए हम आपको इस असमंजस की स्थिति से बाहर निकालते हैं. आइए जान लेते हैं कि किस दिन पड़ रही है सकट चौथ

कब रखा जाएगा सकट चौथ का व्रत?

वैदिक पंचांग के मुताबिक माघ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि 16 जनवरी को सुबह 4:09 मिनट पर होगी. वहीं इस चतुर्थी का समापन 17 जनवरी को सुबह 5:33 मिनट पर होगा. ऐसे में सकट चौथ का व्रत उदयातिथि के अनुसार 17 जनवरी 2025 को रखा जएगा.

17 जनवरी को 9:09 मिनट पर होगा चंद्रोदय

महिलाएं सकट चौथ का व्रत अपनी संतान की लंबी उम्र और खुशहाल जीवन की मनोकामना के लिए रखती हैं. इस दिन महिलाएं व्रत रखने के बाद दिन में भगवान गणेश जी की पूजा-अर्चना करती है और शाम को चंद्रमा के दर्शन करने के बाद ही सकट चौथ का व्रत खोलती हैं. ऐसे में 17 जनवरी को चंद्रोदय समय रात को 9:09 मिनट पर होगा.

सकट चौथ व्रत रखने के लाभ

धार्मिक मान्यताओं की मानें तो सकट चौथ के व्रत को पूर्ण श्रद्धा के साथ रखने से भगवान गणेश प्रसन्न होते हैं और जीवन में सभी तरह के सुखों की प्राप्ति होती है. इस दिन पूजा के दौरान व्रत कथा का पाठ जरूर करना चाहिए. ऐसा करने से संतान को लंबी आयु का आशीर्वाद प्राप्त होता है. सकट चौथ का व्रत करने से बच्चों के जीवन में आ रही सभी समस्याएं दूर होती हैं. ऐसा माना जाता है कि इस दिन चंद्र देव को जल अर्घ्य देने से संतान को किसी भी तरह की बीमारी का सामना नहीं करना पड़ता और सौभाग्य की प्राप्ति होती है.;

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Author: The Hindi Post