महाकुंभ 2025 का आयोजन उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 13 जनवरी से 26 फरवरी के बीच हो रहा है। इस विशेष महाकुंभ में लाखों श्रद्धालु अपने धार्मिक उत्साह के साथ हिस्सा ले रहे हैं। यहां साधु-संतों की उपस्थिति ने मेले को और भी खास बना दिया है। इस बार कुंभ में एक विशेष आकर्षण बने हैं एंबेसडर बाबा, जिनकी कहानी बेहद अनोखी और प्रेरणादायक है।
कौन हैं एंबेसडर बाबा?
एंबेसडर बाबा, जिनका असली नाम महंत राजगिरी है, इंदौर से आए हैं। वह अपनी अनोखी जीवनशैली के लिए जाने जाते हैं। बाबा को यह उपनाम उनकी प्रिय एंबेसडर गाड़ी के कारण मिला है, जो उन्हें 40 साल पहले दान में मिली थी। इस गाड़ी को बाबा ने अपने आवास का रूप दे दिया है और यह हर जगह उनके साथ रहती है। उन्होंने इस गाड़ी को भगवा रंग में रंगवाया है और इसे आधुनिक सुविधाओं से लैस कर दिया है। गाड़ी में एसी, छत पर मचान और एक पंखा भी लगाया गया है, जो इस गाड़ी को एक चलती-फिरती आश्रयगृह का रूप देता है।
टार्जन बाबा के नाम से भी मशहूर
एंबेसडर बाबा को “टार्जन बाबा” के नाम से भी जाना जाता है। उन्होंने बताया कि यह नाम उन्हें टार्जन फिल्म की शूटिंग के दौरान मिला। बाबा का यह अनोखा अंदाज लोगों को आकर्षित करता है और उनकी गाड़ी के प्रति उनकी गहरी भावनाएं भी लोगों के लिए कौतूहल का विषय हैं। वह कहते हैं कि उनकी गाड़ी अगर खराब भी हो जाए, तो वह यात्रा नहीं छोड़ते, बल्कि गाड़ी ठीक कराकर ही आगे बढ़ते हैं।
लोगों में बाबा की कहानी को लेकर उत्साह
महाकुंभ में एंबेसडर बाबा के टेंट के बाहर लोगों की भारी भीड़ जमा होती है। श्रद्धालु बाबा से मिलने और उनकी अनोखी जीवनशैली के बारे में जानने के लिए उत्सुक हैं। बाबा की गाड़ी को देखने और उनके अनुभवों को सुनने के लिए लोग बड़ी संख्या में जुट रहे हैं।
महाकुंभ 2025 में एंबेसडर बाबा की अनोखी कहानी ने मेले का आकर्षण बढ़ा दिया है। उनकी जीवनशैली और उनकी प्रिय एंबेसडर गाड़ी ने श्रद्धालुओं को प्रभावित किया है। बाबा की यह कहानी हमें सिखाती है कि साधारण चीजें भी जीवन में विशेष महत्व रख सकती हैं। महाकुंभ में ऐसे प्रेरणादायक व्यक्तित्व की उपस्थिति मेले को और भी खास बना रही है।;