अगर हम भारत के इतिहास में झांककर देखें, तो राजा और महाराजाओं का जिक्र जरूर मिलता है. हम इस बात से इनकार नहीं कर सकते कि, पिछले कुछ दशकों में काफी कुछ बदल गया है. लेकिन आज भी देश में ऐसे शाही परिवार हैं, जो अपनी लग्जरी लाइफस्टाइल और रुतबे के लिए विदेशों तक में जाने जाते हैं.
इतिहास में राजाओं का जिक्र
भारत के इतिहास में राजा और महाराजाओं का जिक्र देखने और पढ़ने में जरूर मिलेगा. बदलते दशकों के साथ काफी कुछ बदल चुका है, लेकिन जो नहीं बदला है, तो इन रजवाड़े परिवारों का रुतबा.
खड़ी हुई कई चुनौतियां
साल 1971 में राजाओं और महाराजाओं को मिलने वाली विशेष उपाधियों को समाप्त कर दिया गया. जिसके बाद से शाही परिवारों के लिए कई चुनौतियां खड़ी हो गईं.
ठाठ से जी रहे राजवंश परिवार
आज भी ऐसे कई शाही परिवार हैं, जो नए जमाने के साथ ठीक अपने पूर्वजों की तरह रुतबे के साथ अपनी जिंदगी बिता रहे हैं. ये राजवंश परिवार कौन से हैं, चलिए जान लेते हैं.
राजकोट का शाही परिवार
राजकोट के शाही परिवार ने अब तक अपने राजमहल को हेरिटेज होटल में नहीं बदला है. इस समय युवराज मंधाता सिंह जडेजा इसके प्रमुख हैं. ये राज घराना बायो फ्यूल डेवलपमेंट में इन्वेस्ट कर रहा है.
मेवाड़ का राजवंश
महाराणा प्रताप के मेवाड़ राजवंश के बारे में भला कौन नहीं जानता होगा. इस समय राणा श्रीजी अरविंद मेवाड़ इस राजवंश के संरक्षक हैं. इस राजवंश का परिवार पूरे राजस्थान में हेरिटेज होटल और रिजॉर्ट चला रहा है.
अलसीसर का शाही परिवार
इस समय अभिमन्यु सिंह अलसीसर के शाही परिवार के प्रमुख और वंशज हैं. राजस्थान में दो जगह इनके महल हैं. इसके अलावा ये शाही परिवार कई होटल चला रहा है.
जयपुर का शाही परिवार
जयपुर का ये शाही परिवार राजपूतों का वंशज है. भवानी सिंह इनके आखिरी महाराज थे. उनका गोद लिया बेटा पद्मभान सिंह इस राजवंश की परंपरा को लगातार आगे बढ़ा रहे हैं.