चीन की अकड़ को किया D Gukesh ने ठंडा, हासिल किया ऐसा मुकाम, गदगद हो उठा पूरा हिंदुस्तान, जानें कौन है वो ?

तमिलनाडु के चेन्नई के रहने वाले 18 साल के D गुकेश ने वर्ल्ड चेस चैंपियनशिप में जीत दर्ज कर इतिहास लिख दिया है, साथ ही ऐसा काम किया है जिसने देश को झूमने पर मजबूर कर दिया है.

शतरंज की दुनिया में अब चारों ओर D Gukesh का नाम गूंज रहा है, क्योंकि 18 साल के लड़के ने न सिर्फ वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप को जीता बल्कि चीन की अकड़ को भी ठंडा कर दिया है, बता दें D Gukesh ने सिंगापुर में खेले गए वर्ल्ड टेस्ट चेस चैंपियनशिप के फाइनल मैच में मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन डिंग को हराकर अपनी बादशाह साबित की. भारतीय ग्रैंड मास्टर ने चीन के डिंग लिरेन को 14वीं बाजी में हराकर खिताब अपने नाम किया जिसके बाद हर हिंदुस्तानी को उन पर गर्व है, बता दें इस जीत के बाद D गुकेश को 2.5 मिलियन डॉलर यानी की लगभग 21.21 करोड़ इनामी राशि मिली है.

शतरंज की दुनिया में लहराया परचम

बता दें D गुकेश ने वर्ल्ड चैंपियन बनकर इतिहास रच दिया है. दरअसल अब D गुकेश शतरंज की दुनिया में सबसे कम उम्र वाले चैंपियन बने हैं, इस जीत के साथ उन्होंने भारत के पूर्व दिग्गज प्लेयर विश्वनाथन आनंद के क्लब में एंट्री मारी है. बता दें आनंद ये उपलब्धि हासिल करने वाले भारत के पहले शतरंज खिलाड़ी थे तो वहीं गुकेश अब भारत के दूसरे विश्व चैंपियन खिलाड़ी बन गए हैं. बता दें शतरंज की दुनिया में विश्व के नए चैंपियन भारतीय ग्रैंडमास्टर डी गुकेश ने 14वें राउंड में चीन के डिंग लिरेन को मात दी. पूरे मैच के दौरान चीनी खिलाड़ी का पलड़ा भारी लग रहा था. लेकिन D गुकेश ने अपनी मेहनत, लगन और प्रतिभा के चलते चीन की बादशाहत को मिट्टी में मिला दिया.

कौन हैं डी गुकेश?

रिपोर्ट्स की मानें तो D ​​​​​गुकेश का पूरा नाम डोम्माराजू गुकेश है. जो की तमिलनाडु के चेन्नई के रहने वाले हैं. गुकेश का जन्म चेन्नई में 7 मई 2006 को हुआ था. उन्होंने शतरंज की दुनिया में 7 साल में ही कदम रख दिया था. भास्कर नागैया ने डी गुकेश को शतरंज की बारीकियां सिखाई थी. जिसके बाद विश्वनाथन आनंद ने भी गुकेश को खेल के गुरूमंत्र और टिप्स दिए थे. बता दें गुकेश के माता-पिता ने उनको कोचिंग भी दिलाई थी. समय के साथ-साथ गुकेश ने अपने अंदर छुपी हुई प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया. उन्होंने 2019 में महज 12 साल 7 महीने और 17 दिन की उम्र में ग्रैंडमास्टर का खिताब हासिल किया था.

कई रिकॉर्ड्स पर जमाया अपना कब्जा

वहीं अब डी गुकेश ने खिताब जीत के साथ ही कई रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए हैं विश्व शतरंज चैंपियनशिप में सबसे कम उम्र वालेविश्व चैंपियन बनने का रिकॉर्ड भी उन्होंने अपने नाम कर लिया है इससे पहले यह रिकॉर्ड रूस के दिग्गज गैरी कास्पारोव के नाम था उन्होंने साल 1985 में22 साल की उम्र में खिताब अपने नाम किया था.

138 साल दो एशियाई खिलाड़ियों में भिड़ंत

इंटरनेशनल चेस फेडरेशन के 138 सालों के इतिहास में पहली बार ऐसा मौका आया था जब फाइनल मैच में एशिया के दो खिलाड़ी आमने-सामने थे. आज से पहले इस टूर्नामेंट में कभी ऐसा नहीं हुआ कि एशिया के दो खिलाड़ियों के बीच में फाइनल मैच खेला गया हो. भारत के इस युवा खिलाड़ी ने खिताब जीतकर इतिहास के पन्नों में अपना नाम अमर कर लिया है.

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Author: The Hindi Post