AI इंजीनियर ने पत्नी से प्रताड़ित होकर की आत्महत्या, न्याय न मिलने पर गटर में अस्थियां बहाने की कही बात

जौनपुर के एक AI इंजीनियर की मौत का सनसनीखेज मामला सामने आया है. मौत से पहले AI इंजीनियर ने 24 पन्नों का सुसाइड नोट लिखा. जिसमें उसने जिक्र किया कि कैसे उसकी पत्नी और उसके ससुरालीजनों ने उसको आत्महत्या करने के लिए उकसाया और उसको झूठे केस में फंसाया. इतना मेंटली टॉर्चर किया कि वह आत्महत्या करने पर मजबूर हो गया.

पत्नी की प्रताड़ना से तंग आकर इंजीनियर ने दी जान !

यूपी के जौनपुर के रहने वाले एक शख्स ने अपनी बीवी की प्रताड़ना से तंग आकर फांसी के फंदे पर लटक कर आत्महत्या कर ली. इस मामले में गौर करने वाली बात यह है कि अतुल ने सुसाइड करने से पहले 24 पन्नों का सुसाइड लेटर लिखा उसमें उसने एक-एक करके सारी कहानियों का जिक्र किया कि कैसे उसकी पत्नी और उसके ससुराल वालों ने उसको टॉर्चर किया. अतुल की इस तरह मौत ने एक बार फिर से समाज में बहुत सारे सवाल खड़े कर दिए है. अतुल की कहानी सुनकर आपका दिल सोचने पर मजबूर हो जाएगा कि घर की लक्ष्मी कही जाने वाली पत्नी भी क्या ऐसा कर सकती है कि उसकी वजह से उसके पति को आत्महत्या करनी पड़ जाए.

पत्नी और ससुरालीजनों पर लगाए गंभीर आरोप

यूपी के जौनपुर में रहने वाले अतुल सुभाष एक AI इंजीनियर थे. साल 2019 में अतुल की शादी निकिता सिंघानिया से हुई थी. निकिता भी जौनपुर की ही रहने वाली है. शादी के बाद शुरुआती सालों में सबकुछ ठीक-ठाक रहा लेकिन करीब 2 साल के भीतर ही निकिता बेंगलुरु से जौनपुर अपने घर वापस आ गई. इसके बाद निकिता और उसके परिजनों ने अतुल के ऊपर दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कर दिया. जिससे परेशान होकर अतुल आत्महत्या करके अपनी जान दे दी लेकिन यह एक बड़ा सवाल है कि ऐसा क्या हुआ की शादी के 5 सालों में ही परिवार वालों ने और निकिता ने अतुल को इतना मजबूर कर दिया कि उसने अपनी तड़प-तड़प कर जान दे दी.

आत्महत्या से पहले बनाया वीडियो

फांसी लगाकर अपनी जान देने से पहले अतुल ने एक वीडियो भी बनाया था. इस वीडियो में अतुल ने अपने दर्द को बयां किया है अतुल ने बताया कि कैसे उसकी पत्नी और उसके परिजनों ने अतुल से पैसे ऐंठने के लिए एक झूठे केस में फंसाया. अतुल ने बताया कि बीते 2 सालों में दहेज उत्पीड़न के केस में 120 तारीखें लग चुकी थी जिसमें कि वह करीब 40 बार खुद बेंगलुरु से जौनपुर पेशी के लिए पहुंचा था और कई बार उसके परिजनों को भी कोर्ट के चक्कर काटने पड़ रहे थे. वही इन सब से तंग आकर कोर्ट कचहरी से छुटकारा पाने के लिए अतुल ने मौत को गले लगा लिया.

निकिता ने अतुल के ऊपर लगाए थे संगीन आरोप

निकिता सिंघानिया ने अतुल और उसके माता-पिता के ऊपर कई संगीन आरोप लगाए थे. जिनमें की बेल मिलना तक मुश्किल थी. अतुल के माता-पिता और उसके भाई के ऊपर निकिता ने अपनी हत्या की कोशिश करने का आरोप लगाया था. साथ ही निकिता ने अप्राकृतिक सेक्स , घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोप लगाए थे. निकिता ने अपने गुजारा भत्ते के लिए अतुल से 3 करोड़ रुपए की मांग की थी. सबसे हैरानी की बात तो यह है कि अतुल ने अपने बच्चों का चेहरा तक नहीं देखा था. इसके बाद कोर्ट में अतुल ने यह याचिका दायर की थी कि उसके बच्चे को उसको सौंप दिया जाए ताकि उसकी अच्छी परवरिश हो सके.

अतुल ने जज के ऊपर लगाया रिश्वत लेने का आरोप !

अतुल ने जौनपुर फैमिली कोर्ट की जज रीता कौशिक के ऊपर भी गंभीर आरोप लगाए है. अतुल ने अपने सुसाइड लेटर में लिखा है कि रीता कौशिक ने मामले को निपटाने के लिए उससे 5 लाख रुपए की डिमांड की थी. लेकिन जब अतुल ने रिश्वत के पैसे नहीं दिए तो जज साहिबा ने दो साल की बेटी के भरण पोषण के लिए 40000 रुपए प्रति माह का आदेश पारित कर दिया था. साथ ही अतुल ने जब कोर्ट में अपने ऊपर हो रहे अत्याचार के बारे में जज साहिबा को बताने की हिम्मत जुटाई तो जज साहिबा ने उसे अनसुना कर दिया.

न्याय न मिलने तक न किया जाए अंतिम संस्कार

अतुल की इस आत्महत्या की कहानी में सबसे ज्यादा दर्द भरी दास्तान यह है कि अतुल ने सुसाइड करते समय अपने शरीर पर एक पन्ना चिपकाया था. जिसमें अतुल ने लिखा था कि ‘JUSTICE IS DUE’ साथ ही अतुल ने अपने सुसाइड लेटर में लिखा कि जब तक मुझे इंसाफ नहीं मिल जाता और मुझे प्रताड़ित करने वाले दोषियों को सजा नहीं मिल जाती है. तब तक मेरी अस्थियों का अंतिम संस्कार ना किया जाए.यदि हमारे देश का कानून दोषियों को सजा देने में नाकाम साबित होता है तो मेरी अस्थियों को किसी गटर में बहा दिया जाए. इन शब्दों में अतुल का दर्द साफ झलक रहा है. साथ ही अतुल के यह दर्द भरे शब्द देश के सिस्टम पर भी कई सवाल खड़े कर रहे हैं.

The Hindi Post
Author: The Hindi Post