जब भी सनस्क्रीन खरीदें तो, उसे पहले आपको अपनी स्किन टाइप के बारे में जान लेना जरूरी है। इसके अलावा सूरज के संपर्क के लेवल और उसमें मौजूद इंग्रेडिएंट्स का भी ध्यान रखें।
स्किन को सूरज की हानिकारक युवी किरणों से बचाना बेहद जरूरी है। इसके लिए सनस्क्रीन से बेहतर कोई दूसरा मददगार हो ही नहीं सकता। हालांकि बाजार में आजकल अनगिनत ऑप्शन है। जिनमें से खुद के लिए सही सनस्क्रीन चुनना काफी मुश्किल भरा काम होता है। कोई भी सनस्क्रीन खरीदने से पहले आपको अपनी स्किन टाइप के बारे में सही जानकारी होनी चाहिए। साथ ही उस सनस्क्रीन में सूरज की किरणों से लड़ने की कितनी क्षमता है, ये भी समझना जरूरी है। तो चलिए आज इस लेख के जरिये जानते हैं, कि आप अपनी जरूरत के मुताबिक बढ़िया और सही सनस्क्रीन कैसे चुनें और स्किन को हेल्दी बनाए रखने के लिए क्या करें।
एसपीएफ यानि की सन प्रोटेक्शन फैक्टर वाली सनस्क्रीन यूवीबी से बचाने में कारगर होती हैं। यूवीबी किरणें सनबर्न और स्किन कैंसर का कारण बनती हैं। ज्यादा एसपीएफ यूवीबी किरणों के खिलाफ स्किन को ज्यादा सुरक्षित रखता है। हालांकि आपको इस बात का भी ध्यान रखना जरूरी है, कि सनस्क्रीन पूरी तरह से यूवीबी किरणों को लॉक नहीं कर सकती, लेकिन उन्हें कंट्रोल जरुर कर सकती हैं। इसलिए 30 या फिर उससे ज्यादा एसपीएफ वाली सनस्क्रीन के इस्तेमाल की सलाह सुरक्षित मानी जाती है।
युवीए किरणें स्किन में गहराई तक प्रवेश करती हैं। जिसकी वजह से स्किन समय से पहले ही बूढ़ी नजर आने लगती है। इसलिए एक सनस्क्रीन चुनना जरूरी है, ताकि इससे यूवीए और यूवीबी दोनों से सुरक्षा मिल सके। एक ऐसी सनस्क्रीन चुनें जिसमें स्पेक्ट्रम प्रोटेक्शन शामिल हो। यूवीबी किरणें सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे के बीच में सबसे ज्यादा तेज होती हैं। जबकि यूवीए किरणें पूरे दिन स्थिर रहती हैं। जिस वजह से हर रोज सनस्क्रीन लगाना जरूरी है। फिर चाहे वो बारिश का ही मौसम क्यों ना हो।
कैसे तय करें कि, कौन सा सनस्क्रीन आपके लिए सबसे सही?
सनस्क्रीन चुनने से पहले स्किन टाइप पर खास ध्यान देना चाहिए। ऑयली स्किन वालों के लिए ब्रेकआउट और ज्यादा आयल से बचने के लिए नॉन स्टिकी जेल बेस्ड सनस्क्रीन इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है। वहीं ड्राई स्किन वालों को लाइट वेटेड क्रीम बेस्ड सनस्क्रीन को चुनने की सलाह दी जाती है। अगर आप चाहती हैं कि, आपकी स्किन को किसी तरह की कोई समस्या ना हो तो, नॉन कॉमेडोजेनिक और हाइपोएलर्जेनिक प्रोडक्ट को ही चुनने का ध्यान रखें।
जो लोग बाहर ज्यादा समय बिताते हैं या एथलीट होते हैं। उन्हें सूरज की हानिकारक किरणों के खिलाफ ज्यादा सुरक्षा देने वाली सनस्क्रीन की जरूरत होती है। ऐसे में आप ज्यादा एसपीएफ वाली सनस्क्रीन का चुनाव करें। आप चाहें तो अपनी जरूरत के हिसाब से भी सनस्क्रीन चुन सकते हैं।
• वाटर रेसिस्टेंस
अगर आप स्विमिंग कर रही हैं, या पाको पसीना आ रहा है तो वाटर रेसिस्टेंस सनस्क्रीन चुनें। हालांकि वाटर रेसिस्टेंस सनस्क्रीन जो हर दो घंटे में लगाना चाहिए।
• टाइप ऑफ सनस्क्रीन
सनस्क्रीन दो तरह की होती है। पहली केमिकल और दूसरी फिजिकल। केमिकल बेस्ड सनस्क्रीन युवी किरणों को अवशोषित करने का काम करते हैं। तो वहीं फिजिकल बेस्ड सनस्क्रीन से स्किन में जलन होने की संभावना कम रहती है।
• एक्सपायरी डेट
सनस्क्रीन में उसकी एक्सपायरी डेट होनी जरूरी है। आमतौर पर इसकी मैन्युफैक्चरिंग दो से तीन साल पहले की होती है। सनस्क्रीन का इस्तेमाल करने से पहले उसकी एक्सपायरी डेट को जरुर चेक करें।
आपकी स्किन के लिए सही सनस्क्रीन चुनने में एसपीएफ, यूवीए प्रोटेक्शन, वाटर रेसिडेंस, टाइप और एक्सपायरी डेट जैसी चीजों पर ध्यान रखना चाहिए। हर रोज नियमित रूप से सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें, फिर मौसम चाहे कैसा भी हो।