सनस्क्रीन का इस्तेमाल और चयन हमेशा सवाधानी के साथ ही करना चाहिए। सन प्रोटेक्शन प्रोडक्ट्स में ऐसे तत्व हो सकते हैं, जो आपकी स्किन को फायदा भी पहुंचा सकते हैं और नुकसान भी।
धूप में निकलने से पहले आपको अपने रूटीन में स्किन की खास देखभाल के लिए सनस्क्रीन को शामिल करना चाहिए। आप भले ही कुछ घंटों के लिए घर से बाहर ही क्यों ना जा रही हों, या समुद्र तट पर छुट्टियां एंजॉय करने जा रही हों। स्किन को सूरज की हानिकारक यूवी किरणों से बचाने के लिए हमेशा सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना जरूरी है। ऐसे में आपके लिए सही सनस्क्रीन कौन सी हो सकती है, और इसका चुनाव कैसे करें, सही सनस्क्रीन को खरीददते वक्त किन बातों का ध्यान रखा जाए, जैसे सवाल परेशान कर सकते हैं। हालांकि इस बात का कन्फ्यूजन ज्यादातर लोगों को होता है, जिसे दूर करने में हम आपकी बेहतर मदद कर सकते हैं।
कैसे काम करती है सनस्क्रीन?
सनस्क्रीन मुख्य रूप से स्किन को सूरज की हानिकारक किरणों से बचाने में मदद करती है। इसमें जिंक ऑक्साइड और टाइटेनियम डाइऑक्साइड जैसे तत्व होते हैं। जो स्किन के लिए काफी अच्छे होते है। जो सूर्य की किरणों को अवशोषित करने के साथ-साथ हीट से लड़ने की ताकत देते हैं।
एक्सपर्ट्स के मुताबिक सही सनस्क्रीन चुनने से आपकी स्किन की देखभाल करने में अच्छी मदद मिल सकती है। तो चलिए जानते हैं कि, सही सनस्क्रीन का चुनाव कैसे करें।
कैसे चुनें परफेक्ट सनस्क्रीन?
सनस्क्रीन चुनते वक्त आप इस बात का ध्यान रखें कि आपको कोई स्किन एलर्जी तो नहीं है। ताकि सनस्क्रीन में मौजूद तत्व आपके बैलेंस्ड हार्मोन को नुकसान ना पहुंचा पाएं।
सन प्रोटेक्शन फैक्टर पर विचार जरूरी
एसपीएफ के जरिये आप ये जान सकती हैं, कि असल में सनस्क्रीन कितनी युवीबी किरण को फिल्टर करने में सक्षम है। कम से कम 15 एसपीएफ वाली सनस्क्रीन का इस्तेमाल आपको युवी किरणों से बचाने में अच्छी मदद कर सकती है। लेकिन ज्यादातर तरह स्किन स्पेशलिस्ट 30 एसपीएफ के इस्तेमाल की सलाह देते हैं। ताकि लगभग 97 फीसदी यूवीबी किरणों को रोकने में मदद मिल सके। बता दें 15 एसपीएफ की सनस्क्रीन सिर्फ 93 फीसदी किरणों को रोक सकती है।
एक्टिव इंग्रेडिएंट्स का रखें ध्यान
सनस्क्रीन खरीददते वक्त हमेशा एक्टिव इंग्रेडिएंट्स का ध्यान रखें। टाइटेनियम डाइऑक्साइड, जिंक ऑक्साइड और एवोबेंज़ोन युक्त सनस्क्रीन ही खरीदें। हो सके तो विटामिन ए वाले सनस्क्रीन से बचें। एक्सपर्ट्स के मुताबिक विटामिन ए से स्किन ट्यूमर होने का खतरा बढ़ सकता है।
चुनें ब्रांड स्पेक्ट्रम एसपीएफ
हमेशा ब्रॉड-स्पेक्ट्रम कवरेज और 30 से 50 एसपीएफ वाला ही सनस्क्रीन चुनें। इससे स्किन को सनबर्न और सूरज से होने वाली क्षति से बचने में मदद मिलती है। 50 से ज्यादा एसपीएफ वाले सनस्क्रीन न खरीदें। क्योंकि ये ज्यादा सुरक्षा नहीं देते और महंगे भी खूब होते हैं।
सनस्क्रीन फार्मूलेशन का रखें ख्याल
बाजार में तीन तरह के सनस्क्रीन फार्मूलेशन मिलते हैं। जिनके अपने-अपने फायदे होते हैं। अगर इनका इस्तेमाल सही तरीके से किया जाए तो ये, सभी धूप से बेहतर सुरक्षा दे सकते हैं।
• पहला सनस्क्रीन स्प्रे।
• दूसरा सनस्क्रीन लोशन।
• तीसरा सनस्क्रीन स्टिक्स।
सनस्क्रीन के इस्तेमाल का सही तरीका
• सर्दी हो या गर्मी, हर मौसम में सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें।
• स्विमवियर को शरीर के खुले हिस्सों में दो बड़े चम्मच सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना चाहिए।
• सनस्क्रीन स्प्रे का इस्तेमाल करती हैं, जो शरीर में इसे बराबर से स्प्रे करें।
• चेहरे, हाथ, पैर, कान, गर्दन और शरीर के अन्य खुले हिस्सों पे सनस्क्रीन अच्छे से लगाएं।
• धूप में निकलने से कम से आधे घंटे पहले शरीर के खुले हिस्सों पर एसपीएफ 15 या 30 का बेस कोट जरुर करें।
• सनस्क्रीन को जहर दो घंटे में दोबारा लगाएं।
• ज्यादा पसीना आने पर उसे पोंछने के बाद फिर से सनस्क्रीन लगाएं।
स्किन के हिसाब से सही सनस्क्रीन चुनना बेहद जरूरी है। सही चुना हुआ सनस्क्रीन आपको ज्यादा फायदे देने में कामयाब हो सकता है और स्किन की अच्छी केयर कर सकता है।