यूरिक एसिड के बढ़े हुए लेवल को कंट्रोल करने के लिए डाइट का विशेष ध्यान रखना जरूरी होता है। ऐसे में अगर आप केले का सेवन करते हैं, तो ये काफी हद तक फायदेमंद हो सकता है, लेकिन तब जब आप इससे जुड़ी सावधानी के बारे में जानते हों।
एक्सपर्ट्स के मुताबिक आप जब भी प्रोटीन से भरपूर डाइट लेते हैं, तो उससे प्यूरिन वेस्ट प्रोडक्ट के रूप में निकलता है। यही प्यूरिन हड्डियों में जमा होने लगता है। जिसे आम भाषा में पथरी कहा जाता है। जिसकी वजह हड्डियों के बीच में गैप होने लगता है। इस गैप की वजह से गाउट की समस्या होने लगती है। यह समस्या सूजन का कारण तक बन सकती है, जिस वजह से स्थिति काफी दर्दनाक होने लगती है। ऐसे में डॉक्टर्स कुछ खास फूड्स खाने की सलाह देते हैं, जो इस स्थिति से आपको बाहर निकालने में मदद कर सकते हैं। जिसमें से एक है केला।
केला खाने से कैसे कम होता है यूरिक एसिड?
डॉक्टर्स की मानें तो केला खाने से यूरिक एसिड के बढ़े हुए लेवल को कंट्रोल करने में काफी तक मदद मिल सकती है। तो चलिए जानते हैं कि, ये कैसे फायदेमंद है?
• केल में होता है लो प्यूरिन
अगर आप यूरिक एसिड से परेशान हैं, तो ऐसी स्थिति में केला खाने के कई तरह के फायदे हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह लो प्यूरिन फ़ूड होता है। जिससे यूरिक एसिड का लेवल नहीं बढ़ता। वहीं यूरिक एसिड में केला खाने से गाउट प्यूरिन के पथर को गलाने में मदद मिलती है। अनगिनत फायदों की वजह से यूरिक एसिड में केला खाना अच्छा माना जाता है।
• केले में मौजूद होता है फाइबर
केले में फाइबर की भरपूर मात्रा होती है। फाइबर प्रोटीन को डाइजेस्ट करने में मदद करता है। साथ ही केला खाने से प्रोटीन मेटाबालिज्म को बढ़ावा मिलता है। अगर आप यूरिक एसिड की समस्या से परेशान हैं, तो केला प्रोटीन से निकलने वाले प्यूरिन को पचाने में मदद करता है। जिससे यूरिक की समस्या खुद ब खुद कम हो जाती है।
• विटामिन सी का अच्छा स्रोत है केला
केले में विटामिन सी की अच्छी खासी मात्रा होती है। जो प्यूरिन के पथरी को गलाने में मदद कर सकता है। इससे गाउट के सूजन और दर्द से राहत मिलती है। आगे आप नियमित रूप से केला खाते हैं, तो शरीर में अतिरिक्त यूरिक एसिड नहीं जम पाता।
अगर है यूरिक एसिड की समस्या, तो कैसे और कब खाएं केला, इस बात का रखें ध्यान
अगर आपको यूरिक एसिड की समस्या है, तो आप दोपहर के लंच में केला खाएं। इसके लिए आपको बस आधा केला लेना होगा और उसमें काला नमक लगाना होगा। उसके बाद ही केले का सेवन करें। इससे डाइजेशन में तेजी आती है एयर प्रोटीन मेटाबोलिज्म दुरुस्त रहता है। इसके अलावा यूरिक एसिड को बढ़ने से रोकने में मदद मिलती है।
शरीर में जरूरत से ज्यादा यूरिक एसिड होने की वजह से ना सिर्फ किडनी फेलियर बल्कि हार्ट अटैक की समस्या भी हो सकती है। इससे छुटकारा पाने के लिए डाइट का बैलेंस होना बेहद जरूरी है। इस समस्या में फलों के सेवन की सलाह दी जाती है। केला भी उन्हीं फलों में से एक है, जो यूरिक एसिड की समस्या में फायदा दे सकता है।