भाई दूज पर भाई को पान खिलाने की रस्म का क्या है महत्व

सनातन धर्म में हर त्यौहार को बड़े हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जाता है उन्हें में से एक है भाई दूज. भाई दूज पर बहनें अपने भाई को पान खिलाती है आखिर इसका क्या महत्व है आईए जानते हैं

दो बार

हिंदू धर्म में भाई दूज का त्योहार बहुत खास माना जाता है इस त्योहार को साल में दो बार मनाया जाता है

दिवाली के बाद

दिवाली के दो दिन बाद गोवर्धन पूजा के दिन भाई दूज का त्यौहार मनाया जाता है, इसके अलावा होली के बाद भाईदूज का त्यौहार मनाया जाता है

नाम

कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को भाई दूज मनाया जाता है इसे यम द्वितीया या भ्रातृ द्वितीय के नाम से भी जाना जाता है

तिथि

इस साल दिवाली के दूसरे दिन यानी 3 नवंबर 2024 को भाई दूज का त्यौहार मनाया जाएगा

यमराज की पूजा

भाई दूज के दिन मृत्यु के देवता यम की पूजा की जाती है ऐसी मान्यता है की इसी दिन यम देवता अपनी बहन के बुलावे पर उनके घर भोजन करने आए थे

प्रतीक

भाई दूज का त्यौहार भाई-बहन के प्रेम को दर्शाता है इस दिन मैंने अपने भाई का तिलक करती है और भाई उपहार देते हैं

घर पर भोजन

इस दिन बहनें अपने भाई को घर पर खाने पर आमंत्रित करती हैं और अच्छे-अच्छे पकवान खिलाती हैं

नदी के किनारे

मान्यता अनुसार अगर इस दिन भाई-बहन यमुना नदी के किनारे भोजन करते हैं, तुम दोनों के जीवन में सुख, समृद्धि और शांति आती है

पान भेंट

भोजन के बाद बहने अपने भाइयों को पान भेंट करती हैं, मान्यता अनुसार पान भेंट करने से बहनों को अखंड सौभाग्य का वरदान प्राप्त होता है

Rishabh Chhabra
Author: Rishabh Chhabra