सोशल मीडिया पर कई ऐसी चीजें दिखाई जाती हैं. जिनका वास्तव में कोई अस्तित्व भी नहीं होता है. इन वीडियो या रील्स को कुछ लोग मनोरंजन के लिए देखते हैं, तो कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो सोशल मीडिया पर दिखाए गए इन वीडियो पर यकीन कर लेते हैं. ऐसा ही कुछ हुआ है यूपी के बाराबंकी के रहने वाले सोनेलाल मौर्य के साथ भी.
सोशल मीडिया पर वीडियो देखकर शिवपुरी पहुंचे सोनेलाल
दरअसल सोनेलाल ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो देखा जिसमें दिखाया गया कि मध्य प्रदेश के शिवपुरी में लड़कियां बिकती हैं. यहां पर लड़कियों की मंडी लगती है. सोनेलाल ने इस वीडियो पर विश्वास कर लिया और वे शिवपुरी जा पहुंचे लड़की खरीदने. सोनेलाल का कहना है कि शिवपुरी में धड़ीचा प्रथा के बारे में यूट्यूब पर कुछ वीडियो देखा था. वीडियो में बताया गया कि शिवपुरी में लड़कियां मिलती हैं और लड़कियों की मंडी लगती हैं. लड़की की तलाश में मैं शिवपुरी पहुंचा और यहां पर लोगों से ऐसी मंडी के बारे में पूछा. इसी दौरान एक एनजीओ कार्यकर्ता की नजर मुझ पर पड़ी तो उसने बताया कि इस तरह की कोई मंडी शिवपुरी में नहीं लगती है. चूंकि 35 साल के सोनेलाल की शादी अब तक नहीं हुई है जिससे वे काफी परेशान रहते हैं. सोनेलाल ने आईटीआई किया हुआ है और टाइपिंग भी आती है. वर्तमान में एक प्राइवेट फर्म से जड़ी बूटी का व्यापार करता है. अच्छा कमा लेते हैं लेकिन शादी नहीं होने का मलाल है. सोनेलाल तो लड़की खरीदने इस मंशा से पहुंचे थे कि वे उससे शादी करेंगें लेकिन सोनेलाल के हाथ निराशा ही लगी.
क्या सोशल मीडिया पर झूठी अफवाहें फैलना सही है?
शिवपुरी में रहने वाले कुछ एनजीओ कार्यकर्ताओं का कहना है कि धड़ीचा प्रथा को लेकर के शिवपुरी के बारे में छवि खराब की जा रही है. जिस पर पुलिस को कार्रवाई करनी चाहिए. वहीं यहां पर एक सवाल ये भी खड़ा होता है कि क्या सोशल मीडिया पर पॉपुलैरिटी और फॉलोवर बढ़ाने के लिए इस तरह की झूठी बातें फैलाना सही है? इस तरह के वीडियो पर बैन नहीं लगना चाहिए? खैर कुछ सावधानी तो लोगों को भी बरतनी चाहिए. सोशल मीडिया पर अंधा विश्वास करने से पहले.