भारत में दिवाली और छठ पूजा जैसे त्योहारों के मौके पर ट्रेन में कंफर्म टिकट पाना बहुत मुश्किल हो जाता है. त्योहारों पर दूसरे शहर या राज्य में काम करने वाले ज्यादातर लोग अपने परिवार के साथ मनाने के लिए घर लौटते हैं. जिसके कारण इस समय यात्रियों की संख्या में अचानक से बढ़ोत्तरी हो जाती है. इस दौरान ट्रेन की टिकट मिलना भी लगभग ना के बराबर हो जाता है. इस समस्या से निपटने के लिए भारतीय रेलवे द्वारा कई बदलाव किए गए हैं. रेलवे ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल करके टिकट बुकिंग के प्रोसेस को आसान बनाने की कोशिश की है. इस प्रोसेस का नाम ट्रेन ऑल्टनेट अकमडेशेनस्कीम है. इस योजना को विकल्प योजना के नाम से शुरू किया गया है.
क्या है विकल्प योजना?
विकल्प योजना (Alternate Train Accommodation Scheme – ATAS) का उद्देश्य यात्रियों को सफर के लिए अधिक से अधिक कंफर्म टिकट दिलाना है. जब कोई यात्री किसी ट्रेन में वेटिंग टिकट बुक करता है, तो विकल्प योजना का चयन करने से उस यात्री को अन्य उपलब्ध ट्रेनों में सीट मिल सकती है. ये योजना उन यात्रियों के लिए खासतौर पर काम आएगी, जिन्होंने इमरजेंसी में यात्रा करने के लिए टिकट बुक की और वेटिंग में है.
टिकट बुकिंग के दौरान मिलेगा विकल्प योजना का सुझाव
इसके साथ ही ऑनलाइन टिकट बुक करते समय आपको विकल्प योजना का सुझाव अपने आप मिल जाएगा. इसके लिए टिकट बुक करते समय आपको विकल्प योजना के ऑप्शन पर क्लिक करना होगा. इस योजना में आप एक साथ 7 ट्रेनों का चुनाव कर सकते हैं, जो आपकी यात्रा के रास्ते में 30 मिनट से 72 घंटे के भीतर चल रही हों. अगर आपकी चुनी गई ट्रेन में सीट उपलब्ध नहीं है और दूसरी ट्रेन में सीट उपलब्ध है, तो आपको दूसरी ट्रेन में सीट मिल जाएगी. हालांकि इस योजना का चयन करने का मतलब यह नहीं है कि आपको निश्चित रूप से कंफर्म टिकट मिल जाएगा. ये पूरी तरह से सीट की उपलब्धता पर निर्भर करता है. यह योजना यात्रियों को अधिक विकल्प और सुविधाजनक यात्रा का अवसर देती है. अगर आपके पास वेटिंग टिकट है और आपको जरूरी काम से यात्रा करनी पड़ रही है. तो इस योजना का लाभ उठाकर आप अपनी यात्रा को आसान बना सकते हैं.