Virat Kohli यूं ही नहीं महान कहलाते, बांग्लादेश टेस्ट के खिलाफ 35 रन बनाते ही दर्ज किया ये ‘महारिकॉर्ड’

कानपुर के ग्रीनपार्क स्टेडियम में बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट सीरीज खेली जा रही है. इस सीरीज की पहली पारी में जैसे ही विराट कोहली ने 35 रन बनाए. कानपुर टेस्ट में विराट कोहली ने 35 रनों के आंकड़े पर पहुंचते ही इंटरनेशनल क्रिकेट में अपने 27 हजार रन पूरे कर लिए हैं. अब कोहली ये कारनामा करने वाले वो दुनिया के चौथे खिलाड़ी बन गए हैं लेकिन सबसे तेज 27 हजार इंटरनेशनल रनों का वर्ल्ड रिकॉर्ड अब विराट कोहली के नाम हो गया है. कोहली ने सचिन तेंदुलकर को पछाड़कर ये रिकॉर्ड अपने नाम किया है. यही नहीं पॉन्टिंग, संगकारा जैसे दिग्गज भी कोहली से पिछड़ गए.

इंटरनेशनल क्रिकेट में विराट के नाम सबसे तेज 27 हजार रन

अब विराट के नाम इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे तेज 27 हजार रनों का रिकॉर्ड है. अपनी 594वीं पारी में विराट ने इस कारनामे को अंजाम दिया है. सचिन तेंदुलकर ने 27 हजार रनों का आंकड़ा 623 पारियों में छुआ था. वहीं कुमार संगकारा ने 648 और रिकी पॉन्टिंग ने इस आंकड़े को पाने के लिए 650 पारियां खेलीं थी. सचिन-संगकारा और पॉन्टिंग तीनों ने मिलकर 234 इंटरनेशनल शतक लगाए हैं लेकिन इसके बाद भी तेजी से रन बनाने के मामले में विराट ने इन तीनों दिग्गजों को पीछे छोड़ दिया है.

कोहली के नाम इंटरनेशनल क्रिकेट में गजब के आंकड़े दर्ज

सबसे तेजी से 10 हजार रन बनाने के मामले में इंटरनेशनल क्रिकेट में कोहली नंबर 1 भारतीय खिलाड़ी हैं. विराट ने 232 पारियों में इस कारनामे को अंजाम दिया. इसके अलावा सबसे तेजी से 15 हजार इंटरनेशनल रन बनाने का कारनाम कोहली ने 333 पारियों में कर दिखाया था. साथ ही इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे तेजी से 20 हजार रन बनाने वाले खिलाड़ी भी कोहली ही हैं. उन्होंने 417 पारियों में इस मुकाम को हासिल किया था. अब विराट 27 हजार के आंकड़े तक भी सबसे तेजी से पहुंच गए हैं.

अर्धशतक लगाने से चूके विराट

बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट सीराज में विराट कोहली ने 27 हजार रनों के आंकड़े को तो छू लिया लेकिन कानपुर में अर्धशतक नहीं लगा सके. कोहली ने महज 35 गेंदों में 47 रनों की पारी खेली. विराट कोहली ने स्लॉग स्वीप खेलने के चक्कर में शाकिब अल हसन को अपना विकेट थमा दिया. इस साल इंटरनेशनल क्रिकेट में विराट कोहली सिर्फ एक ही अर्धशतक लगा सके हैं. ये सूखा कानपुर में भी खत्म नहीं हो सका.

Rishabh Chhabra
Author: Rishabh Chhabra