मोदी कैबिनेट ने बुधवार को वन नेशन वन इलेक्शन मंजूरी दी. इससे पहले सरकार की ओर से इसके लिए एक कमेटी बनाई गई. जिसका चेयरमैन पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को बनाया गया था. कोविंद द्वारा अपनी रिपोर्ट मोदी कैबिनेट को सौंपने के बाद इसे सर्वसम्मति से मंजूर कर दिया गया. ऐसा करके मोदी सरकार ने अपना मास्टर स्ट्रोक चल दिया. वहीं अब बाकी के राजनीतिक दलों ने भी अपना स्टैंड लेते हुए इसका विरोध शुरू कर दिया है. कैबिनेट के इस प्रस्ताव का बसपा सुप्रीमो मायावती ने एक्स पर पोस्ट करके समर्थन किया है. तो सपा ने सस्पेंस बनाते हुए सरकार से कई सवाल दागे. इसके लिए सपा मुखिया अखिलेश यादव ने एक्स पर एक लंबा चौड़ा पोस्ट किया. उसमें सरकार से कई सवाल पूछे गए लेकिन उनकी पोस्ट में कहीं भी ये नहीं लिखा था कि वो समर्थन कर रहे हैं या विरोध कर रहे हैं.
सरकार के समर्थन में बसपा
इस मुद्दे को लेकर बसपा सुप्रीमो मायावती सरकार के समर्थन में है. मायावती ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि एक देश एक चुनाव की व्यवस्था पर अपना पॉजिटव स्टैंड लिया है. उन्होंने लिखा देश में लोकसभा, विधानसभा व स्थानीय निकाय का चुनाव एक साथ कराने वाले प्रस्ताव को केन्द्रीय कैबिनेट द्वारा आज मंजूरी दी गई है. इस पर हमारी पार्टी का स्टैण्ड सकारात्मक है लेकिन इसका उद्देश्य देश व जनहित में होना जरूरी है.’
कांग्रेस पार्टी ने अपना स्टैंड किया क्लियर
इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस पार्टी ने अपना स्टैंड क्लियर कर दिया है. पार्टी के अध्यक्ष से लेकर सभी नेताओं ने वन नेशन वन इलेक्शन का विरोध किया है. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि देश के लोग इसे मानने वाले नही हैं. ये सिर्फ चुनाव के लिए मुद्दा बनाकर लोगों को डॉयवर्ट करते हैं. एक देश एक चुनाव प्रैक्टिकल ही नहीं है. वहीं पार्टी के बाकी के नेताओं ने भी इसका पूरजोर विरोध किया है.
सपा मुखिया ने तंज कसते हुए उठाए सवाल
वहीं समाजवादी पार्टी ने वन नेशन वन इलेक्शन पर अपना पूरा स्टैंड क्लियर नहीं किया है. पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने एक्स पर पोस्ट करते हुए 4 बड़े सवाल उठाए लेकिन पोस्ट पर लिखे पूरे 309 शब्दों में उन्होंने कहीं भी ये नहीं लिखी है कि वो इसका विरोध करते हैं. हालांकि सरकार पर तंज कसते हुए अखिलेश यादव ने ये जरूर लिखा कि ‘लगे हाथ महाराष्ट्र, झारखंड व यूपी के उपचुनाव भी घोषित करवा देते’ अखिलेश ने सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपा अगर किसी राज्य की चयनित सरकार गिरवाएगी तो क्या पूरे देश के चुनाव फिर से होंगे. इसके साथ ही उन्होंने पूछा कि किसी राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू होने पर क्या जनता की चुनी सरकार को वापस आने के लिए अगले आम चुनावों तक का इंतज़ार करना पड़ेगा या फिर पूरे देश में फिर से चुनाव होगा? इन सवालों के साथ-साथ अखिलेश यादव ने सरकार पर एक और तंज कसते हुए कहा कि ‘चलते-चलते जनता यह भी पूछ रही है कि आपके अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव क्यों नहीं हो पा रहा है. जबकि सुना तो ये गया है कि वहां तो वन पर्सन, वन ओपिनियन ही चलती है. कहीं ऐसा तो नहीं कि कमज़ोर हो चुकी भाजपा में अब टू पर्सन्स, टू ओपिनियन्स का झगड़ा मचा है.’
आम आदमी पार्टी ने बताया बीजेपी की साजिश
वन नेशन वन इलेक्शन का आम आदमी पार्टी ने पूरी तरह से विरोध किया है. पार्टी के नेता और AAP सांसद संदीप पाठक ने कहा कि पूरे देश में एक साथ चुनाव कराना मोदी सरकार का एक जुमला भर है. ये दिल्ली विधानसभा चुनाव को टालने की साजिश हो रही है. पाठक ने आगे कहा कि भाजपा अपनी गुंडागर्दी चलाना चाहती है. मगर आम आदमी पार्टी इसका कड़ा विरोध करेगी.