कांग्रेस सांसद और नेता प्रतिपक्ष जहां भी जाते हैं चर्चाओं में आ ही जाते हैं. फिर राहुल गांधी देश की सड़कों पर पैदल दौड़े या फिर विदेशी सरजमीं से विरोधी पार्टी पर निशाना साधे. हर बार उनकी चर्चाएं जोरों पर होती हैं. फिलहाल नेता प्रतिपक्ष 3 दिन के अमेरिका दौरे पर हैं. जहां पर मोदी और आरएसएस के खिलाफ निशाना साधने और चीन की तारीफ करने के बाद एक बार फिर राहुल सुर्खियों का हिस्सा बन गए हैं. हालांकि कांग्रेस नेता के तौर पर राहुल का पहला अमेरिकी दौरा नहीं है. मगर नेता प्रतिपक्ष के रूप में ये राहुल गांधी का पहला दौरा है. इन सबके बीच आइए एक नजर डाल लेते हैं राहुल गांधी के पहले के दौरों और विवादित बयानों पर-
साल 2017 में 2 हफ्ते के अमेरिकी दौरे पर राहुल
साल 2017 में राहुल गांधी 2 हफ्ते के अमेरिका के दौरे पर गए थे. तब अमेरिका में राहुल ने भारत में बढ़ती हिंसक घटनाओं को लेकर बीजेपी पर निशाना साधा था. विदेश में राहुल ने यह बात इसलिए कही क्योंकि साल 2017 के सितंबर में बेंगलुरु में एक पत्रकार गौरी लंकेश की उन्हीं के घर में हत्या कर दी गई थी. जिसके कुछ ही महीने बाद गुजरात, हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने थे. हालांकि दोनों ही राज्यों में विधानसभा चुनावों में कांग्रेस पार्टी को हार का सामना करना पड़ा.
साल 2018 में जर्मनी और मलेशिया का दौरा
साल 2018 में राहुल गांधी जर्मनी के हैम्बर्ग में थे. जहां उन्होंने अपने भाषण के दौरान भारत में महिलाओं के खिलाफ हो रही हिंसा और देश में बढ़ रही लिंचिंग का मुद्दा उठाया था. राहुल गांधी ने देश में लिंचिंग की घटनाओं को ‘बेरोजगारी की वजह से लोगों में पैदा हुए गुस्से’ से जोड़ा था. जिस पर राहुल गांधी बीजेपी के निशाने पर आ गए थे. साल 2018 में ही राहुल मलेशिया के दौरे पर भी पहुंचे थे. जहां उन्होंने कहा कि अगर मैं पीएम होता तो नोटबंदी की फाइल फेंक देता. नोटबंदी नहीं होनी चाहिए.
साल 2018 में सिंगापुर दौरे के दौरान बीजेपी पर साधा निशाना
साल 2018 में ली कुआन यू स्कूल ऑफ पब्लिक पॉलिसी की सिंगापुर यात्रा के दौरान राहुल गांधी ने एक और विवाद खड़ा कर दिया था. राहुल गांधी ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा था कि एक अलग तरह की राजनीति होती है. ये राजनीति केवल भारत में ही नहीं, बल्कि कई जगहों पर हो रही है. लोगों को बांटने की और चुनाव जीतने के लिए लोगों के गुस्से का इस्तेमाल करने की और यह भारत में भी हो रहा है.
अगस्त 2018 में लंदन दौरे पर आरएसएस पर हुए हमलावर
साल 2018 में सिंगापुर के दौरे के बाद राहुल गांधी लंदन दौरे पर गए थे. जहां राहुल गांधी ने आरएसएस पर निशाना साधते हुए कहा है कि आरएसएस भारत की संस्थाओं पर कब्जा करना चाहता है. अरब देशों के मुस्लिम ब्रदरहुड जैसी है आरएसएस की सोच. वहीं कांग्रेस भारत के लोगों को जोड़ने का काम कर रही है. बीजेपी ने तब कहा था कि राहुल गांधी को सुपारी लेकर हिंदुस्तान को खत्म करने की कोशिश बंद कर देनी चाहिए. और साथ ही माफी की भी मांग की गई थी.
अक्टूबर 2019 में चुनाव से पहले राहुल का कंबोडिया दौरा
हरियाणा और महाराष्ट्र में होने वाले चुनाव से सिर्फ 15 दिन पहले राहुल गांधी कंबोडिया चले गए थे. जहां BJP ने कहा कि राहुल गांधी पर्सनल टूर पर बैंकॉक गए हैं. वहीं कांग्रेस ने राहुल गांधी का बचाव करते हुए कहा कि वे मेडिटेशन के लिए कम्बोडिया गए हैं. वहीं साल 2018 में भी कर्नाटक चुनाव के ठीक बाद राहुल गांधी पूर्व कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी के साथ विदेश यात्रा पर गए. जिसकी वजह से कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन में बनी सरकार को पोर्टफोलियो बंटवारे में देरी का सामना करना पड़ा था.
दिसंबर 2019 में दक्षिण कोरिया का किया दौरा
देश भर में साल 2019 में सीएए यानी नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहे थे. कांग्रेस पार्टी इस मसले पर बीजेपी का विरोध कर रही थी लेकिन राहुल गांधी इस बीच साउथ कोरिया की यात्रा पर निकल गए. यही वजह रही कि कांग्रेस पार्टी को काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा. हालांकि, पार्टी की तरफ से सफाई दी गई कि ये यात्रा पहले से प्लांड थी.
दिसंबर 2020 में इटली दौरे को लेकर खड़ा हुआ था विवाद
इस बात पर अक्सर राहुल गांधी की आलोचना होती है कि वो ऐसे मौकों पर विदेश यात्राओं पर चले जाते हैं. जब उनकी पार्टी को राहुल की सख्त जरूरत होती है. राहुल गांधी पर आरोप लगता है कि वे व्यक्तिगत जीवन को राजनीतिक जीवन से ज्यादा तवज्जो देते हैं. ऐसा ही कुछ 2020 में हुआ था जब राहुल गांधी अपनी नानी से मिलने इटली गए थे. हर साल 28 दिसंबर को कांग्रेस का स्थापना दिवस मनाया जाता है. 2020 में 136वें स्थापना दिवस के मौके पर राहुल शामिल नहीं हो पाए थे. राहुल इस कार्यक्रम के ठीक एक दिन पहले इटली के लिए रवाना हो गए थे. सवाल पूछे जाने पर कांग्रेस के तमाम नेता इस पर बचाव की मुद्रा में नजर में आए और कहा कि राहुल की नानी बीमार हैं.
मई 2022 में ब्रिटेन दौरे पर गए थे राहुल
साल 2022 मई में राहुल गांधी ब्रिटेन के दौरे पर थे. इस दौरान राहुल गांधी ने यूके में कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी में आइडियाज फॉर इंडिया सम्मेलन में बीजेपी और पीएम मोदी के खिलाफ कई जुबानी हमले किए. इसके साथ ही देश में “निजी क्षेत्र के एकाधिकार” को बढ़ावा देने के लिए सरकार पर हमला बोला. राहुल ने CBI और ED का हवाला देते हुए भारत सरकार की तुलना पाकिस्तान सरकार से की थी. जिस पर भारत में काफी बवाल हुआ. 2022 के शुरूआती महीनों में पंजाब, गोवा, उत्तराखंड, मणिपुर और यूपी में चुनाव हुए. जिसमें कांग्रेस का प्रदर्शन बेहद खराब रहा. इसके बाद कई कांग्रेस नेताओं ने इसे राहुल के विदेशी दौरे से जोड़ा. उस वक्त भी राहुल इटली गए थे. उन पर आरोप लगा कि उन्होंने इटली जाने के लिए लिए पंजाब में रैली को कैंसिल करवा दिया.
मार्च 2023 में ब्रिटेन के दौरे पर थे राहुल
राहुल गांधी साल 2023 के मार्च महीने में ब्रिटेन दौरे पर थे. राहुल गांधी ने विजिटिंग फेलो के रूप में कैम्ब्रिज जज बिजनेस स्कूल में ‘लर्निंग टू लिस्निंग’ यानी सुनना सीखने के विषय पर छात्रों को लेक्चर दिया. इस दौरान राहुल गांधी ने बेरोजगारी, महंगाई, चीन, मीडिया सहित विवादास्पद पेगासस जासूसी मुद्दे का जिक्र किया. राहुल ने ये आरोप भी लगाया कि इजरायली स्पाइवेयर पेगासस उनके साथ-साथ बड़ी संख्या में राजनेताओं के फोन पर इंस्टॉल किया गया था. जिस पर बहुत से खुफिया अधिकारियों ने राहुल गांधी फोन पर सावधानी बरतने को कहा. उनके इस बयान के चलते बीजेपी समेत कई विपक्षी नेताओं से आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था.
मई 2023 में अमेरिका दौरे पर की थी सरकार की आलोचना
कांग्रेस नेता राहुल गांधी का अमेरिका दौरा ऐसे समय में हुआ था. जब कर्नाटक विधानसभा चुनाव में कामयाबी से पार्टी का मनोबल बढ़ा हुआ था. राहुल गांधी ने इस दौरे में भी हर मंच पर पीएम मोदी और उनकी सरकार की आलोचना की. उन्होंने कहा कि भारत में लोकतंत्र खतरे में है. उन्होंने अल्पसंख्यकों,दलितों और अन्य लोगों पर कथित हमलों का भी जिक्र किया. उस वक्त भी बीजेपी ने कहा कि राहुल गांधी ने भारत की छवि को बदनाम करना अपना काम बना रखा है.
सितंबर 2023 में यूरोपीय देशों का किया दौरा
पिछले साल 2023 में ही राहुल सितंबर महीने में 5 दिन के यूरोप दौरे पर गए थे. इस दौरे में फ्रांस, बेल्जियम, नीदरलैंड और नॉर्वे में जाना शामिल था. राहुल गांधी का यह दौरा उस समय हुआ जब देश की राजधानी दिल्ली में जी20 समिट हो रहा था. शिखर सम्मेलन समाप्त होने के एक दिन बाद 11 सितंबर को राहुल गांधी भारत लौट आए थे.