पहलवान विनेश फोगाट ने हाल ही में कांग्रेस पार्टी का हाथ थाम लिया है. हरियाणा के जुलाना विधानसभा सीट से विनेश फोगाट चुनाव मैदान में उतरी हैं. विनेश ने जुलाना विधानसभा चुनाव का प्रचार अभियान अपने पति के पैतृक गांव बक्ता खेड़ा से शुरू किया. इस दौरान विनेश ने रोड शो भी किया. वहीं विनेश के इस फैसले से उनके ताऊ और कुश्ती के गुरु महावीर सिंह फोगाट नाखुश हैं. महावीर फोगाट ने कहा कि मैं विनेश के राजनीति में आने के खिलाफ हूं. मैं चाहता हूं कि विनेश एक और ओलंपिक खेलना चाहिए.
गोल्ड मेडल की जिद पूरी करनी चाहिए थी- महावीर फोगाट
महावीर फोगाट ने कहा कि मेरी सोच थी कि विनेश 2028 के ओलंपिक की तैयारी करे और उसमें लड़े. एक ओलंपिक और लड़ना था. जो गोल्ड मेडल पाने की विनेश की जिद थी, उसे उसको पूरा करना था. आंदोलन किसी राजनीति से प्रेरित नहीं था. महावीर फोगाट ने कहा कि खिलाड़ियों को तब राजनीति में आना चाहिए, जब तक उनकी आस ना छूट जाए. विनेश एक ओलंपिक और लड़ सकती थी. उन्हें पहले ओलंपिक लड़ना चाहिए, फिर राजनीति में आना चाहिए.
पिछले हफ्ते ही विनेश और बजरंग ने थामा था कांग्रेस का हाथ
बता दें कि विनेश फोगाट और बजरंग पूनिया ने पिछले हफ्ते ही कांग्रेस का दामन थाम लिया था. कांग्रेस का दामन थामने से पहले विनेश और बजरंग ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से उनके आवास पर मुलाकात की थी. जिसके बाद दोनों एआईसीसी मुख्यालय में कांग्रेस महासचिव प्रभारी संगठन केसी वेणुगोपाल, एआईसीसी महासचिव प्रभारी हरियाणा दीपक बाबरिया, हरियाणा कांग्रेस प्रमुख उदय भान और कांग्रेस के मीडिया एवं प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा की मौजूदगी में कांग्रेस में शामिल हो गए.