Hartalika Teej पर कर लिया ये काम, तो होगी आपकी भी मुराद पूरी, एक क्लिक में जानें सबकुछ

हिन्दू धर्म में हरतालिका तीज का व्रत इस साल 6 सिंतबर को पड़ रहा है. ये व्रत कुंवारी लड़कियों के लिए विशेष महत्व रखता है. कहा जाता है कि इस दिन कुंवारी कन्याएं जीवन में मनचाहा वर प्राप्त करने की कामना से व्रत रखती हैं. कुंवारी लड़कियों के लिए हरतालिका तीज पर विवाहित महिलाओं से व्रत के नियम अलग होते है. मनचाहा वर पाने के लिए रखा जाने वाला ये उपवास बेहद ही कठिन होता है. इस व्रत के दौरान महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए पूरे 24 घंटे का निर्जला व्रत रखती हैं लेकिन इस उपवास को अविवाहित लड़कियां भी रखती हैं.

मनचाहे वर की इच्छा से कुंवारी कन्याएं रखती हैं व्रत

मान्यता है कि हरतालिका तीज व्रत को करने से लड़कियों को मनचाहा वर मिलता है. कुंवारी कन्याओं के लिए हरतालिका तीज व्रत के नियम अलग होते हैं. कुंवारी कन्य़ाओं को निर्जला उपवास रखने की जरूरत नहीं होती हैं. कुंवारी कन्याएं पानी पीकर और फलाहार खाकर इस व्रत को पूरा कर सकती हैं. इस दिन कुंवारी लड़कियां सुबह उठकर नहा धोकर व्रत का संकल्प लें. जिसके बाद पूरे दिन उपवास रख कर और शाम को तैयार होकर शिव-पार्वती की पूजा कर व्रत का पारण करें.

हरतालिका तीज व्रत के नियम

इस दिन शिव और पार्वती की पूजा विशेष रूप से की जाती है और कुंवारी लड़कियों को इस दिन सजना चाहिए.
इस दिन भगवान शिव और मां पार्वती की मिट्टी की मूर्ति की स्थापना करें.
दिन भर निराहार रहकर भगवान शिव और पार्वती की पूजा करें.
रात को जागरण करना और भजन-कीर्तन करें.
अगर संभव हो तो मंदिर जाकर पूजा करें और पूरे दिन मन में शिव और पार्वती का ध्यान करें.
हरतालिका तीज व्रत की कथा सुनना बहुत शुभ माना जाता है.
इस दिन मन में कोई भी बुरा विचार ना लाएं और सकारात्मक भाव रखें.

 

पूजा के दौरान तीज व्रत कथा का सुनना जरूरी

इसके अलावा जो सुहागिन महिलाएं किसी कारणवश बीमार हैं, वो भी पानी पीकर और फलाहार खाकर अपना व्रत कर सकती हैं. इस तीज व्रत के दिन शरीर और मन की पवित्रता का विशेष ध्यान रखना चाहिए. इस व्रत के दौरान सात्विकता का पालन करते हुए शाम को पूजा के दौरान व्रत कथा की कथा सुनना जरूरी है. मान्यता है कि अगर अविवाहित कन्याएं तीजा व्रत की कथा सुनती हैं तो उन्हें बहुत ही अच्छा पति मिलता है. बता दें कि मां पार्वती ने भी ये व्रत कुंवारे जीवन में ही किया था.

हरतालिका तीज का महत्व

हरतालिका तीज व्रत का महत्व केवल धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि यह मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है. हरतालिका तीज का व्रत संयम, श्रद्धा, और तपस्या का प्रतीक माना जाता है. इस व्रत को निभाने वाली कन्याएं और विवाहित महिलाएं माता पार्वती के कठिन तप से प्रेरणा लेकर अपने जीवन में सफलता और सुख-शांति की प्राप्ति करती हैं. तीज व्रत को करने से जीवन में हमेशा खुशियां बनी रहती हैं और जीवन में आने वाले कष्ट भी दूर हो जाते हैं.

 

Rishabh Chhabra
Author: Rishabh Chhabra