एक्ट्रेस कंगना रनौत की फिल्म ‘इमरजेंसी’ की रिलीज का सिख संगठन जमकर विरोध कर रहे हैं. इसके अलावा सिख संगठनों की ओर से फिल्म पर बैन लगाए जाने की भी मांग की गई है. फिल्म को लेकर मचे बवाल के चलते सेंसर बोर्ड ने सर्टिफिकेट भी नहीं दिया है. जिसके चलते फिल्म की रिलीज अटक गई है. बता दें कि ये फिल्म 6 सितंबर को रिलीज होनी थी
‘इमरजेंसी’ को हाईकोर्ट से भी नहीं मिली राहत
फिल्म ‘इमरजेंसी’ के सह-निर्माता जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज ने फिल्म की रिलीज और सेंसर सर्टिफिकेट की मांग के लिए बुधवार को बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. साथ ही सेंसर बोर्ड को सर्टिफिकेट जारी करने का निर्देश देने की मांग की गई थी. जिससे फिल्म ‘इमरजेंसी’ की रिलीज का रास्ता साफ हो जाए. वहीं इस मामले की सुनवाई जस्टिस बर्गेस कोलाबाला और जस्टिस फिरदौस पूनीवाला की बेंच के सामने हुई. हालांकि हाईकोर्ट से भी ‘इमरजेंसी’ को राहत नहीं मिली है. अदालत ने याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि वह केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) से फिल्म के निर्माताओं को सर्टिफिकेट जारी करने के लिए नहीं कह सकती, क्योंकि ये एमपी उच्च न्यायालय के आदेश का खंडन करेगा.
अब 19 सितंबर को फिर से होगी याचिका पर सुनवाई
वहीं हाईकोर्ट ने अब सीबीएफसी को 18 सितंबर तक सर्टिफिकेट पर फैसला लेने का निर्देश दिया है. साथ ही सीबीएफसी को कोर्ट ने फटकार भी लगाई है. अब 19 सितंबर कोर्ट में फिर से याचिका पर सुनवाई होगी. बता दें कि इस फिल्म की रिलीज पर जबलपुर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी थी. ऐसे में अब कंगना की इमरजेसी 6 सितंबर को तो रिलीज नहीं हो पाएगी. देखने वाली बात होगी कि 19 सितंबर को फिल्म को लेकर क्या फैसला आता है.
‘इमरजेंसी’ पर क्यों हो रहा विवाद
पूर्व दिवंगत प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की लाइफ पर बनी फिल्म ‘इमरजेंसी’ एक पॉलिटिकल ड्रामा है. इस फिल्म के ट्रेलर रिलीज के बाद से सिख संगठन विरोध कर रहे हैं. शिरोमणि अकाली दल के कुछ सिख संगठनों का आरोप है कि फिल्म समुदाय की छवि खराब करने के इरादे से बनाई गई है. ऐतिहासिक घटनाओं से छेड़छाड़ और गलत तरीके से फिल्म को पेश करने का भी आरोप लगाया गया है. बता दें कि कंगना रनौत ने ‘इमरजेंसी’ को निर्देशित किया है. उन्होंने फिल्म में दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री का किरदार भी निभाया है. फिल्म में अनुपम खेर, महिमा चौधरी, श्रेयस तलपड़े, मिलिंद सोमन ने भी अहम किरदार निभाए हैं.