अनुभव सिन्हा की कंधार हाईजैक पर बनी एक वेब सीरीज पिछले दिनों ओटीटी पर रिलीज हुई है. जिसे एक तरफ तो काफी लोगों ने खूब पसंद किया है. तो वहीं कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर आतंकियों के हिंदू नाम दिखाए जाने पर जबर्दस्त विरोध जताया है. डायरेक्टर अनुभव सिन्हा को टैग कर काफी कुछ सुनाया जाने लगा है. तकरीबन पिछले 36 घंटों से ट्विटर और दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर #BoycottBollywood ट्रेंड कर रहा है. ज्यादातर लोग एक ही जैसी बातें लिख रहे हैं, ‘विमान हाईजैक किया जिहादियों, आतंकियों, मुस्लिमों ने लेकिन वेब सीरीज ने नाम बता दिए हिंदुओं के.’ कई तरह के तंज कसे जा रहे हैं.
साल 2000 में जारी किए गए थे आतंकियों के नाम और पते
6 जनवरी 2000 को गृह मंत्रालय की ओर से उन अपहरणकर्ताओं के असली नाम और पते के साथ सार्वजनिक किए गए थे. इन पांच आतंकियों के नाम और पते इब्राहिम अख्तर, बहावलपुर. शाहिद अख्तर सईद, गुलशन इकबाल, कराची, सनी अहमद काजी, डिफेंस एरिया, कराची, मिस्त्री जहूर इब्राहिम, अख्तर कॉलोनी, कराची, शाकिर, सुक्कुर सिटी थे.
भोला और शंकर नाम पर लोगों ने खड़ा हुआ बवाल
ओटीटी पर रिलीज की गई वेब सीरीज के हर एपिसोड के शुरुआत में बताया गया है कि IC 814: The Kandahar Hijack Story हाईजैक हुए प्लेन के कैप्टन देवी शरण की किताब पर आधारित है. इस किताब को आए 24 साल हो गए हैं. इस किताब को हजारों लोगों ने खरीदकर पढ़ा भी होगा लेकिन तब सवाल नहीं उठाए गए. किताब में लिखा है कि काठमांडू से जो प्लेन दिल्ली आ रहा था उसमें बैठे लोगों को भरमाने के लिए आतंकियों ने अपने कोडनेम बनाए थे. जिसका इस्तेमाल फिल्म में किया गया है. जैसे- चीफ, डॉक्टर, बर्गर या बर्जर, भोला, शंकर. इन सब नामों में से आखिर के दो नामों पर कई हिंदुओं ने आपत्ति जाहिर की है. हिंदू नाम रखने का फैसला आतंकियों ने सिर्फ और सिर्फ अपनी असली पहचान छिपाने के लिए किया था. किताब में ऐसा ही लिखा है. इससेसाबित होता है कि भोला और शंकर जैसे हिंदू नाम वेब सीरीज में जानबूझकर नहीं दिए गए थे. बल्कि आतंकियों की मंशा यही थी और किताब में भी यही लिखा है.
दूसरी किताब में भी प्रूफ
इसके बाद भी जिन लोगों ने IC 814: The Kandahar Hijack Story किताब कैप्टन देवी शरण की नहीं पढ़ी हो, वो शायद ना मानें इस बात को. इसके अलावा IC 814 Hijacked: The Inside Story किताब अनिल के. जगिया ने लिखी है. अनिल के. जगिया उस हाईजैक प्लेन में फ्लाइट इंजीनियर के तौर पर मौजूद थे. इस किताब में साफ शब्दों में लिका है कि बर्जर को स्लिम, 6 फीट लंबा और फर्राटेदार अंग्रेजी बोलने वाला बताया गया है. डॉक्टर ने चश्मा पहना हुआ था और उसकी हाइट 5 फीट 8 इंच होगी. शंकर 6 फीट से भी ज्यादा लंबा था. वह बहुत कम बोलता था. सेना के कमांडिंग ऑफिसर का आदेश मानने की तरह रिएक्ट करता था. भोला की ऊंचाई 5 फीट 7 इंच होगी. उसकी जबान में कश्मीरी पुट था. भोला यात्रियों से काफी अभद्र तरीके से व्यवहार करता था. गौर करने वाली बात ये है कि किताब लिखने वालों और आम यात्रियों को वही नाम पता था जो वे बोल रहे थे.