सिनेमा जगत से लेकर राजनीति के क्षेत्र में कदम रखने वाली कंगना रनौत का विवादों का पुराना नाता रहा है. अक्सर कंगना अपने विवादित बयानों के कारण सुर्खियों में बनी रहती हैं. हाल ही में कंगना ने किसानों को लेकर विवादित बयान दे डाला है. जिसके बाद से सियासी हलचल मची हुई है. ये कंगना का कोई पहला बयान नहीं है. इससे पहले भी कंगना के बयानों की खूब चर्चा रही है. आइए जान लेते हैं कंगना रनौत अब तक कौन-कौन से विवादित बयान दे चुकी हैं.
हाल का बयान जिसने खड़ा कर दिया विवाद
हाल ही में दिए गए इंटरव्यू के दौरान जब कंगना से पूछा गया कि आम जनता का हिंदी फिल्म इंडस्ट्री से सवाल है, जब इजराइल या दूसरे देशों में कोई घटना होती है. तब फिल्म जगत के लोग आवाज उठाते हैं लेकिन जब बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ कोई घटना होती है तो सोशल मीडिया से कोई इस तरह की चीजें नहीं होती हैं. इसका जवाब देते हुए कंगना रनौत ने कहा कि देखिए बॉलीवुड का देश के प्रति काफी भेदभाव है. बॉलीवुड के लोगों ने कभी किसी जगह की वास्तविकता देखी नहीं होगी. कंगना ने आगे कहा, जो बांग्लादेश में हुआ है वो यहां होने में भी देर नहीं लगनी थी अगर हमारे नेतृत्व इतने सशक्त नहीं होते. देश में जब किसानों का आंदोलन हुआ तब वहां पर लाशें लटकी थीं, रेप हो रहे थे. किसानों के हितकारी बिल जब वापस ले लिए गए थे. तो पूरा देश चौंक गया था. उन्होंने आगे कहा वो किसान आज भी वहां बैठे हुए हैं, उन्होंने कभी सोचा ही नहीं यह बिल वापस होगा, वो बड़ी लंबी प्लानिंग थी जैसी बांग्लादेश में हुई है. चीन और अमेरिका की जो विदेशी शक्तियां है. वो यहां काम कर रही है.
नेपोटिज्म को लेकर करण जौहर पर कंगना का हमला
साल 2017 में कंगना रनौत जब कॉफी विद करण के शो में गई थीं तो उस समय फिल्म इंडस्ट्री में नेपोटिज्म को लेकर बातचीत उठी थी. करण ने कंगना रनौत से पूछा था कि आपको कौन लगता है. जो इंडस्ट्री में नेपोटिज्म करता है. उस पर कंगना ने कहा था, आप करण, उन्होंने करण को नेपोटिज्म का फ्लैग बयेरर और मूवी माफिया भी कहा था.
साल 2020 में किसान आंदोलन पर दिया बयान
साल 2020 में किसान आंदोलन के दौरान एक बुजुर्ग महिला की फोटो वायरल हुई थी. तब कंगना रनौत ने कहा था कि वो शाहीन बाग में सीएए के खिलाफ छिड़े आंदोलन की बिलकिस दादी हैं. जिस पर कंगना ने ट्वीट किया था, यह वही दादी है जो टाइम मैग्जीन में पावरफुल इंडिया की लिस्ट में फीचर की गई थीं. यह दादी 100 रुपये में उपलब्ध है. हालांकि कंगना के इस पोस्ट के बाद विवाद खड़ा हो गया था. जिसके बाद सामने आया था कि वो महिला शाहीन बाग की दादी नहीं, बल्कि पंजाब की एक महिला हैं. जिस पर मामला कोर्ट में भी चला गया था. बाद में कंगना ने अपने उस पोस्ट को डिलीट कर दिया था.
साल 2020 में मुंबई को बताया था POK
कंगना ने साल 2020 में मुंबई को लेकर भी विवादित बयान दिया था. कंगना ने कहा था कि उनको मुंबई में सुरक्षित महसूस नहीं होता है. कंगना रनौत ने कमेंट करते हुए कहा था कि संजय राउत ने मुझे धमकी देते हुए कहा है कि मैं मुंबई वापस न आऊं. पहले मुंबई की सड़कों पर आजादी के नारे लगाए गए और अब यहां धमकी दी जा रही है. मुंबई POK की तरह लगता है. यहां तक कि कंगना ने पुलिस पर भी टिप्पणी करते हुए कहा था उन्हें राज्य की पुलिस से फिल्म माफिया से ज्यादा डर लगता है.
1947 में मिली आजादी को बताया था भीख
एक कार्यक्रम के दौरान 11 नवंबर 2021 को कंगना रनौत ने बयान दिया था कि भारत को 1947 में मिली स्वतंत्रता भीख थी. असल आजादी तो भारत को साल 2014 में मिली है. कंगना के इस बयान के बाद हर तरफ लोगों ने कंगना को ट्रोल करना शुरू कर दिया था. साथ ही कंगना के इस बयान पर सियासत तक छिड़ गई थी. दरअसल साल 2014 में सत्ता बीजेपी के हाथ में थी और उस समय कंगना सांसद नहीं थीं लेकिन पार्टी की समर्थक जरूर थीं.
एयरपोर्ट पर झेलना पड़ा था कंगना को महिला आक्रोश
कंगना रनौत 6 जून को चंडीगढ़ के एयरपोर्ट पहुंची थीं, उस दौरान एक महिला CISF ने सिक्योरिटी चेक के दौरान कंगना रनौत के थप्पड़ मार दिया था, जिसकी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई थी, वीडियो में CISF महिला गुस्से में कहती हुई सुनाई दे रही थी, “इसने कहा था 100-100 रुपये में धरने पर बैठे हैं, यह बैठेगी वहां पर, मेरी मां बैठी थी उस दौरान जब इसने बयान दिया था”.
बॉलीवुड को लेकर भी कंगना दे चुकी हैं कई विवादित बयान
बॉलीवुड इंडस्ट्री को लेकर कंगना काफी खिलाफ रहती हैं और अक्सर नेपोटिज्म, मूवी माफिया, आउटसाइडर, अवॉर्ड, आईटम सॉन्ग को लेकर बयान देती है. कंगना ने किंग खान को लेकर हाल ही में बयान दिया था और कहा था मेरी जर्नी किंग खान से ज्यादा मुश्किल रही है. उन्होंने कहा था मैं पहाड़ों के एक गांव से आती हूं, एक लड़की हूं और मैं एक यंग एज में यहां (मुंबई )आई थी. इसलिए मेरी जर्नी ज्यादा मुश्किल रही है, जबकि शाहरुख खान दिल्ली से ही मुंबई आए थे.