26 अगस्त को पूरे देश में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार बड़ी धूमधाम से मनाया जाएगा. हिंदू धर्म में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार बड़े ही उत्साह के साथ मनाया जाता है. इस दिन लड्डू गोपाल की रात में विधि विधान से जन्म व पूजन किया जाता है. जन्माष्टमी के दिन लड्डू गोपाल की मोरपंख, बांसुरी, झूला, गाय-बछड़े की मूर्ति, वैजयंती माला और माखन से झांकी सजाई जाती है. इस तरह की झांकी सजाने से घरों में भगवान कृष्ण की विशेष कृपा बरसती है. इसके साथ ही घर में बरकत भी बढ़ती है.

मोरपंख
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर मोरपंख को झांकी में सजाने से कालसर्प दोष से मुक्ति मिलती है. आप मोरपंख को कान्हा के मुकुट या झूले आदि पर सजा सकते हैं. मोरपंख भगवान कृष्ण की प्रिय वस्तुओं में से एक माना जाता है. भगवान श्री कृष्ण हमेशा मोरपंख को अपने मुकुट में लगाते थे. घर में मोरपंख लाने से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है. इसके अलावा घर में मोरपंख लाने से घर में होने वाले क्लेश दूर हो जाते हैं.

बांसुरी
बांसुरी को भारतीय संस्कृति में विशेष स्थान प्राप्त है. बांसुरी को भगवान श्रीकृष्ण का प्रिय वाद्य यंत्र माना जाता है. इसके माधुर्य में दिव्यता और शांति की शक्ति होती है. बांसुरी का प्रयोग वास्तु शास्त्र में भी कई दोषों को दूर करने के लिए किया जाता है. भगवान श्रीकृष्ण को बांसुरी प्रेम के कारण ही बंशीधर के नाम से भी जाना जाता है. जन्माष्टमी के दिन भगवान श्रीकृष्ण पर चांदी या लकड़ी की बांसुरी चढ़ाएं. पूजा समाप्त होने के बाद उसे तिजोरी में रखने से घर की आर्थिक समस्या दूर होती है.

गाय-बछड़े की मूर्ति
कहा जाता है कि अगर आप गाय को पहली रोटी खिलाते हैं तो ग्रह दोष खत्म होते हैं. भगवान श्रीकृष्ण को गाय अति प्रिय हैं. जन्माष्टमी के दिन गाय बछड़े की मूर्ति घर के मंदिर में रखते हैं तो सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार गाय में 33 करोड़ देवी-देवताओं का वास होता है. घर की बनी पहली रोटी गाय को खिलाने से सारे ग्रह दोष समाप्त हो जाते हैं. भगवान श्री कृष्ण गाय के दूध से बना घी, मक्खन खाते थे.

झूला
लड्डू गोपाल को हमेशा झूले में स्थापित किया जाता है. इसलिए लड्डू गोपाल को झूला बेहद पसंद है. जन्माष्टमी के दिन झूला खरीद कर लड्डू गोपाल को उसमें स्थापित करने से घर में सुख शांति बनी रहेगी. इसके साथ ही जन्माष्टमी पर लड्डू गोपाल को झूला झुलाने का भी विशेष महत्व है. भगवान श्रीकृष्ण को झूला झुलाने से भक्त की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. ऐसा करने से संतान प्राप्ति और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है. कहते हैं कि लड्डू गोपाल का जन्म रात के समय होता है. जिसके बाद लड्डू गोपाल को पालने में झुलाया जाता है.

वैजयंती माला
भगवान कृष्ण के गले में वैजयंती के मोतियों से बनी माला सुशोभित होती है. भगवान कृष्ण को धरती मां ने सृष्टि की रक्षा करने के लिए वैजयंती माला भेंट की थी. भगवान विष्णु और भगवान कृष्ण वैजयंती की माला को धारण करते हैं. इसलिए वैजयंती के मोतियों से बनी माला को बेहद शुभ माना जाता है.

माखन
बचपन से ही भगवान कृष्ण को माखन बेहद प्रिय था. श्रीकृष्ण की माखन की कई प्रेम कथाएं प्रचलित है. जिसमें वे माखन चोरी करके खाते थे. इसलिए जन्माष्टमी पर माखन का भोग अर्पित करना भगवान कृष्ण को प्रसन्न करने का एक परंपरागत और प्रिय तरीका है. माखन के द्वारा भक्त भगवान कृष्ण के प्रति अपनी भक्ति और प्रेम को व्यक्त करते हैं. श्रीकृष्ण घरों से माखन चुराकर खाया करते थे. इसलिए भगवान कृष्ण को माखन चोर भी कहा जाता है. जन्माष्टमी के दिन माखन में तुलसी डालकर भगवान श्रीकृष्ण को अर्पण करने से सारी मनोकामनाएं पूरी होती हैं.