कौन था आज़ाद भारत का पहला अरबपति, एक क्लिक में जानें

भारत में आज के समय में मुकेश अंबानी और टाटा बिड़ला जैसे अरबपति मौजूद हैं. मगर क्या आपको पता है कि जब देश आजाद हुआ था तब भारत का पहला अरबपति कौन था. चलिए हम आपको बताते हैं. 15 अगस्‍त 1947 को जब देश आजाद हुआ उस समय देश का सबसे अमीर व्‍यक्ति मीर उस्मान अली खान था. उस्मान अली 1911 में हैदराबाद के निज़ाम बने थे और 1947 में जब भारत आजाद हुआ तब भी उस्मान अली हैदराबाद के निज़ाम रहे. उस्मान अली के पास हीरे, सोने, नीलम, पुखराज जैसे बहुमूल्य रत्‍नों की खानें थी. कहा जाता था कि सोने की ईंटों से भरे ट्रक निजाम के बगीचे में खड़े रहते थे. इतना ही नहीं लग्‍जरी कारों का कलेक्शन भी मीर उस्मान अली के पास था.

करीब 18 लाख करोड़ की थी निजाम उस्मान की संपत्ति

निजाम उस्मान का जन्म 6 अप्रैल 1886 में हुआ था. ये दुनिया के सर्वकालिक सबसे अमीर व्यक्तियो की सूची में चौथा नंबर पर आते हैं. मीर उस्‍मान अली खान के पास आज के समय के मुताबिक 230 अरब डॉलर (करीब 18 लाख करोड़) की दौलत थी. उस समय के हिसाब से निजाम उस्मान की कुल संपत्ति अमेरिका की GDP का 2 फीसदी थी. उस्मान अली की अधिकांश संपत्ति गोलकुंडा की हीरे की खदानों से आती थी. प्रथम विश्‍व युद्ध के दौरान निजाम उस्मान ने अंग्रेजों को हथियार और पैसा भेजकर मदद की थी. मीर उस्‍मान अली खान ने अलग से सिक्‍का ढालने के लिए एक टकसाल भी बनवाया हुआ था. उस्मान को ‘नाइट ग्रैंड कमांडर ऑफ स्टार ऑफ इंडिया’ की उपाधि से भी नवाजा गया था.

50 रोल्‍स रॉयस कारें और एक प्राइवेट प्लेन भी

185 कैरट का जैकब हीरा मीर उस्‍मान अली खान के पास था. जिसका इस्‍तेमाल उस्मान अली पेपरवेट के तौर पर किया करते थे. इस जैकब हीरे की कीमत 1340 करोड़ रुपये थी. निजाम के पास कई महंगी गाड़‍ियां थीं. कहा जाता है कि मीर उस्मान को रोल्स-रॉयस मोटर कार्स लिमिटेड ने अपनी कार बेचने से इनकार कर दिया था. तो हैदराबाद के शासक ने कुछ पुरानी रोल्स रॉयस कारों को खरीदा और जिनका इस्तेमाल कचरा फेंकने के लिए किया जाता था. निजाम उस्मान के पास 50 रोल्‍स रॉयस कारें और प्राइवेट प्लेन भी था.

काफी सिंप्‍पल था पहनावा 

सबसे दिलचस्‍प बात तो ये है कि इतना सबकुछ होने के बाद भी निज़ाम के राजसी ठाट-बाट के नहीं, बल्कि कंजूसी के किस्‍से दुनियाभर में मशहूर थे. निजाम के बारे में ऐसा कहा जाता है कि वे ज्‍यादातर राजसी वस्‍त्रों की बजाय बिना इस्‍तरी किया गया कुर्ता-पजामा पहनते थे और पैरों में साधारण सी चप्‍पल होती थी.निजाम उस्मान के पास एक तुर्की टोपी थी, जिसे उन्‍होंने 35 सालों तक पहना. जहां निजाम उस्मान सोते थे वह पुरानी पलंग, टूटी टेबल और कुर्सियां, राख से लदी एक ऐश-ट्रे, कचरे से सनी रद्दी की टोकरियां हुआ करती थीं. साधारण दरी पर बैठकर उस्मान आम बर्तन में खाना खाते थे. ये भी कहा जाता है कि निजाम उस्मान मेहमानों के द्वारा पी गई सिगरेट को भी नहीं छोड़ते थे. अगर उनके घर में आया मेहमान सिगरेट पीकर छोड़ जाए, तो वो उसका बचा हिस्‍सा भी पी जाते थे.

Rishabh Chhabra
Author: Rishabh Chhabra