मोदी सरकार ने आखिरकार वक्फ संशोधन विधेयक लोकसभा में गुरुवार को पेश कर दिया. अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सदन में वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2024 को पेश करने की अनुमति मांगी. जिसके बाद विपक्षी सदस्य सदन में हंगामा करने लगे. विपक्षी दलों ने कहा कि यह संविधान और संघवाद पर हमला है और अल्पसंख्यकों के खिलाफ है. वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2024 का बचाव करते हुए अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि इस विधेयक से किसी भी धार्मिक संस्था की स्वतंत्रता में कोई हस्तक्षेप नहीं होगा. किसी का अधिकार लेने की बात तो छोड़िए, देने के लिए यह विधेयक लाया गया है. उन लोगों को अधिकार, जिन्हें उनका अधिकार कभी मिला ही नहीं.
ये बिल सोची समझी रणनीति के तहत पेश हुआ- अखिलेश
वहीं सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने इस बिल का विरोध किया है. सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि ये बिल सोची समझी रणनीति के तहत पेश किया गया है. हम इस बिल का विरोध करते हैं.
सरकार राष्ट्रधर्म निभाए- मायावती
बिल पर अपना रुख साफ करते हुए बसपा प्रमुख मायावती ने एक्स पर लिखा, केन्द्र व यूपी सरकार द्वारा मस्जिद, मदरसा, वक्फ आदि मामलों में जबरदस्ती की दखलन्दाजी और मन्दिर व मठ जैसे धार्मिक मामलों में अति-दिलचस्पी लेना संविधान व उसकी धर्मनिरपेक्षता के सिद्धान्त के विपरीत अर्थात ऐसी संकीर्ण व स्वार्थ की राजनीति क्या जरूरी? सरकार राष्ट्रधर्म निभाए. मन्दिर-मस्जिद, जाति, धर्म व साम्प्रदायिक उन्माद आदि की आड़ में कांग्रेस व भाजपा आदि ने बहुत राजनीति कर ली और उसका चुनावी लाभ भी काफी उठा लिया, किन्तु अब देश में खत्म हो रहा है. अब देश के सामाजिक मुद्दों आरक्षण, गरीबी, बेरोजगारी, महंगाई, पिछड़ापन आदि पर ध्यान केन्द्रित करके सच्ची देशभक्ति साबित करने का समय आ गया है.
वक्फ परिषद में गैर मुस्लिम सदस्य की बात क्यों?- कांग्रेस सांसद
कांग्रेस सांसद के सी वेणुगोपाल ने कहा कि वक्फ विधेयक संविधान पर हमला है. इस दौरान उन्होंने सवाल करते हुए कहा कि उच्चतम न्यायालय के आदेश से अयोध्या में मंदिर बोर्ड का गठन किया है. क्या इस बोर्ड का कोई गैर हिंदू इसका सदस्य हो सकता है. तो फिर वक्फ परिषद में गैर मुस्लिम सदस्य की बात क्यों की जा रही है? वेणुगोपाल ने दावा किया है कि यह विधेयक आस्था और धर्म के अधिकार पर हमला है. उन्होंने कहा कि अभी आप मुस्लिम पर हमला कर रहे हैं. फिर ईसाई और फिर जैन पर करेंगे. कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने आगे कहा कि ये विधेयक महाराष्ट्र, हरियाणा और झारखंड में होने वाले चुनावों के लिए लाया गया है लेकिन देश की जनता अब इस तरह की विभाजन वाली राजनीति पसंद नहीं करती है. ये विधेयक संघीय ढांचे पर भी हमला है.
मुस्लिमों के साथ यह अन्याय क्यों?- नदवी
सपा सांसद मोहिबुल्ला नदवी ने कहा कि यह अन्याय मुस्लिमों के साथ क्यों किया जा रहा है? नदवी ने दावा किया है कि संविधान को रौंदा जा रहा है. यह सरकार बहुत बड़ी गलती करने जा रही है. इसका खामियाजा हमें सदियों तक भुगतना पड़ेगा. तृणमूल कांग्रेस के सुदीप बंदोपाध्याय ने कहा कि यह विधेयक अनुच्छेद 14 का उल्लंघन है और असंवैधानिक है. सरकार का ये वक्फ विधेयक धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन करने वाला और सहकारी संघवाद की भावना के खिलाफ है.
आप मुसलमानों के दुश्मन और ये विधेयक इसका सबूत- ओवैसी
हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने वक्फ बिल को लेकर कहा कि इस सदन के पास संशोधन करने की क्षमता नहीं है. जो कि संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 25 के सिद्धांतों का उल्लंघन कर रहा है. वक्फ विधेयक न्यायिक स्वतंत्रता, शक्तियों के दमन के सिद्धांत का उल्लंघन करता है. ओवैसी ने आगे कहा कि मुसलमानों के लिए संपत्ति का वक्फ प्रबंधन एक आवश्यक धार्मिक प्रथा है. जिसको कानूनी मान्यता देने से इनकार करके सरकार ने इस बात पर गंभीर प्रतिबंध लगाने की कोशिश कर दी है. जिसके अनुसार मुसलमान अपनी वक्फ संपत्तियों का प्रबंधन कैसे कर सकते हैं. आप मुसलमानों के दुश्मन हैं और यह विधेयक इसका सबूत है.