लोकसभा में गुरुवार को पेश हुए वक्फ संशोधन विधेयक के बाद जहां विपक्ष आग बबूला हो रहा है. तो वहीं मुस्लिम नेताओं से लेकर मौलानाओं तक ने सरकार के खिलाफ कमर कस ली है. वहीं इस विधेयक को लेकर अब नीतिश कुमार की पार्टी में भी घमासान शुरू हो गया है. जनता दल यूनाइटेड की तरफ से वक्फ विधेयक को लेकर 2 तरह की बातें सामने आ रही हैं. एक तरफ तो जेडीयू के मुस्लिम नेता इस बिल का विरोध किया कर रहे हैं. वहीं दूसरी तरफ सदन में पार्टी ने वक्फ विधेयक का समर्थन कर दिया है. लोकसभा में जेडीयू की तरफ से वक्फ विधेयक का समर्थन केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने किया है. ललन सिंह ने इस बिल का समर्थन करते हुए कहा है कि बिल सही है और जेडीयू इसका समर्थन करती है.
विधानपरिषद के सदस्य गुलाम गौस ने प्रधानमंत्री को लिखा पत्र
हाल ही में विधानपरिषद के सदस्य गुलाम गौस ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखा है. गौस ने कहा है कि बिल को लाने से पहले मुस्लिम समुदाय से बात कीजिए. वक्फ की जमीन को ना तो अंग्रेजों ने और ना ही किसी सरकार ने खैरात में दिया है. इस जमीन को मुस्लिम समुदाय के लोगों ने गरीब कल्याण के लिए दिया है. इसलिए सरकार को इन धार्मिक मुद्दों में हस्तक्षेप करने से बचना चाहिए. जेडीयू के एक और मुस्लिम नेता और गुलाम रसूल बलियावी ने भी वक्फ विधेयक का विरोध किया है. बलियावी ने सरकार से पूछते हुए कहा है कि क्या सरकार वक्फ की तरह ही मंदिर और मठों के जमीन को लेकर कोई बिल लाएगी? बता दें कि बिहार सरकार में अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री ने हाल ही में कहा था कि वक्फ में कुछ भी गलत नहीं होता है. बिल आने के बाद मैं इस पर बोलूंगा.
मंत्री ललन सिंह ने वक्फ विधेयक पर पार्टी की तरफ से रखा पक्ष
मोदी सरकार में मंत्री ललन सिंह ने वक्फ विधेयक पर पार्टी की तरफ से पक्ष रखा है. मंत्री ललन सिंह ने कहा कि यह मंदिर और मस्जिद का मुद्दा नहीं है. वक्फ एक संस्था है. जो कि मंदिर-मस्जिद से अलग होती है. पारदर्शिता लाने के लिए वक्फ विधेयक में संशोधन जरूरी है. इसलिए जनता दल यूनाइटेड ने इसका समर्थन करने का फैसला लिया है. ललन सिंह ने आगे कहा कि वक्फ विधेयक कानून के द्वारा बनाया गया है. इसलिए वक्फ बिल में कानून के जरिए ही संशोधन किया जा रहा है. ललन सिंह ने इस दौरान कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि इस देश में हजारों सिखों को मारने का काम किसने किया, यह सभी लोग जानते हैं. अल्पसंख्यकों पर बोलने का कांग्रेस पार्टी को कोई अधिकार नहीं है.
वक्फ बिल पर नीतीश ने साधी चुप्पी
केंद्र की तरफ से लाए जाए रहे वक्फ विधेयक पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. नीतीश इस मसले पर अभी तक चुप हैं. पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव बिहार के सीएम नीतीश कुमार की चुप्पी पर सवाल भी उठा चुके हैं. जेडीयू के पूर्व सांसद गुलाम रसूल बलियावी ने भी नीतीश कुमार से चुप्पी तोड़ने का आग्रह किया है. जेडीयू के प्रवक्ता नीरज कुमार अलग ही राग अलाप रहे हैं. मीडिया से मुखातिब होते हुए प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि वक्फ मामले में सीएम नीतीश कुमार ने बहुत ही बेहतरीन काम किया है. केंद्र को इससे सीखने की जरूरत है.