यूपी के अयोध्या में नाबालिग के गैंगरेप मामले में सियासत गर्मा गई है. वहीं इस मामले का मुख्य आरोपी समाजवादी पार्टी का नेता बताया जा रहा है. जिसके बाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने मामले में डीएनए टेस्ट की मांग कर दी है. जिस पर बसपा सुप्रीमो मायावती भड़क उठी हैं. बसपा सुप्रीमो ने मामले को लेकर सपा प्रमुख पर तीखे सवाल कर दिए हैं. बता दें कि अयोध्या रेप केस में पुलिस ने 30 जुलाई को जिले के पूराकलंदर थाना क्षेत्र के भदरसा नगर में बेकरी संचालित करने वाले मुईद खान और उसके कर्मचारी राजू खान को दुष्कर्म के मामले में गिरफ्तार किया. पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार मुईद और राजू खान ने दो महीने पहले नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया और इस कृत्य को रिकॉर्ड भी किया था.
“सपा सरकार में ऐसे आरोपियों पर कितने DNA टेस्ट हुए”
सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट करते हुए बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने लिखा-“यूपी सरकार द्वारा अयोध्या गैंगरेप केस में आरोपी के खिलाफ की जा रही सख्त कार्रवाई उचित, लेकिन सपा का कहना कि आरोपी का DNA टेस्ट होना चाहिये, इससे क्या समझा जाए. बल्कि सपा को यह भी बताना चाहिए कि उनकी सरकार में ऐसे आरोपियों के खिलाफ कितने DNA टेस्ट हुए हैं. इसके साथ ही यूपी में अपराध नियंत्रण व कानून-व्यवस्था में भी खासकर महिला सुरक्षा व उत्पीड़न आदि को लेकर बढ़ती चिन्ताओं के बीच अयोध्या व लखनऊ आदि की घटनाएं अति-दुखद व चिन्तित करने वाली. सरकार इसके हल के लिए जाति-बिरादरी और राजनीति से ऊपर उठकर सख्त कदम उठाए, तो बेहतर.”
“DNA टेस्ट कराकर इंसाफ का रास्ता निकालें”
दरअसल सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा था कि-“कुकृत्य के मामले में जिन पर भी आरोप लगा है उनका DNA TEST कराकर इंसाफ का रास्ता निकाला जाए. सियासत करने के लिए केवल आरोप ना लगाए जाएं. कानून के हिसाब से जो भी दोषी हो उसे पूरी सजा दी जाए. DNA टेस्ट के बाद अगर आरोप झूठे साबित हों जाएं. तो इसमें मिले हुए सरकारी अधिकारियों को भी बख्शा ना जाए. यही न्याय की मांग है.”
सपा ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा
वहीं सपा ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा- भाजपा सरकार कुकृत्य के मामले में जिन पर भी आरोप लगा है उनका DNA TEST कराकर इंसाफ़ का रास्ता निकाले न कि उसपर सियासत करे.दोषी को कानून के हिसाब से पूरी सजा दी जाए, लेकिन अगर DNA TEST के बाद आरोप झूठे साबित हों तो सरकार के संलिप्त अधिकारियों को भी न बख्शा जाए. सरकार मामले में पीड़िता की मदद करने की जगह समाजवादी पार्टी को बदनाम करने की साजिश में लगी हुई है. सरकार द्वारा पीड़िता को तत्काल 20 लाख रुपयों की आर्थिक सहायता प्रदान की जाए.”